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चीन से आने वाले यात्रियों पर 10 देशों ने लगाए प्रतिबंध: कोरोना के खतरे को देखते हुए भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस समेत कई देशों ने चीन से यात्रियों के आने पर रोक लगा दी है। इन देशों में चीनी यात्रियों की एंट्री के लिए लागू कर दी गई है। नई स्थिति के अनुसार इन देशों में चीन से कोई भी यात्री आता है तो उसे कोविड-19 की नकारात्मक रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा, अन्यथा उसे देश में प्रवेश नहीं मिलेगा। दरअसल, चीन में जीरो बीमा पॉलिसी में छूट दिए जाने के बाद कोरोना के मामले तेजी से सामने आए हैं।
दरअसल, पाबंदी लगाने वाले इन देशों पर चीन की ओर से कोरोना से होने वाली मौतें, बुजुर्गों की संख्या और नए वैरिएंट के बारे में वास्तविक जानकारी देने का आरोप नहीं लगाया गया है। हालांकि, चीन का दावा इसके विपरीत है। चीन का कहना है कि इन दस्तावेजों के पीछे मंशा चीन के तीन साल के वास्तविक कोविड नियंत्रण के प्रयासों को तोड़ना और देश के सिस्टम पर हमला करना है। चीन का यह बयान अमेरिका द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों के बाद आई है।
इन 10 देशों ने चीन से आने वालों पर लगाया प्रतिबंध…
भारत
भारत ने चीन, हांगकांग, जापान, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों के लिए नकारात्मक परीक्षण रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। अगर इन यात्रियों में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं या टेस्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें क्वारंटाइन किया जाता है और नेगेटिव आने के बाद टेस्ट किया जाता है तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
अमेरिका
अमेरिका में आने वाले 5 जनवरी से चीन से आने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से लागू कर दी जाती है। नए नियमों के मुताबिक चीन, हांगकांग या मकाउ से अमेरिका के लिए फ्लाइट भरने वाले दो या दो साल से ज्यादा के लोगों को कोरोना की नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखाई जाएगी। साथ ही ये भी जरूरी है कि ये रिपोर्ट दो दिन से ज्यादा पुरानी न हो।
ब्रिटेन
चीन से इंग्लैंड आने वाले यात्रियों को भी 5 जनवरी से यात्रा के दौरान वायरस कोरोना की नकारात्मक परीक्षण रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। ये भी जरूरी है कि रिपोर्ट दो दिन के अंदर की ही हो उससे पुरानी न हो। हालांकि, चीन से स्कॉटलैंड, वेल्स या उत्तरी आयरलैंड के लिए कोई सीधी उड़ान नहीं है।
फ्रांस
फ्रांस ने चीन से आने वाले लोगों को प्रस्थान से पहले 48 घंटे के भीतर जांचे गए नकारात्मक परीक्षण रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। ये नियम 1 जनवरी से ही लागू हो जाएगा। हालांकि, फ्रांस आने वाले कुछ यात्रियों के एयरपोर्ट पर इस दौरान रैंडम कोरोना टेस्टिंग से भी होगा।
इटली
इटली ने चीन से आने वाले सभी यात्रियों के लिए COVID-19 एंटीजन स्वैब और वायरस सीक्वेंसिंग का आदेश दिया है। मिलान के मुख्य हवाई अड्डे मालपेंसा ने पहले ही बीजिंग और शंघाई से यात्रियों का परीक्षण शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां आने वाले चीन के 50 सेंट पैसेंजर कोरोना पॉजिटिव पाए गए।
स्पेन
स्पेन में अब चीन से आने वाले यात्रियों के आने पर नेगेटिव कोविट रिपोर्ट आपको या बीमारी के खिलाफ संपूर्ण वैक्सीनेशन गूगल दिखाएगा।
मलेशिया
मलेशिया अपने यहां आने वाले सभी यात्रियों की बुखार की जांच करेगा। साथ ही यहां चीन से आने वाले विमान के प्रदूषण पानी की भी जांच टेस्टिंग की जाएगी। कोरोना के नए धारणा को ट्रैक करने के लिए यात्रियों की टेस्टिंग की तुलना में वेस्ट वॉल्टर टेस्टिंग एक बेहतर तरीका है।
दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया ने यह भी कहा है कि चीन के यात्रियों की प्रस्थान से पहले नकारात्मक कोविड परीक्षण रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा।
इज़राइल
इजराइल ने यह भी घोषणा की है कि चीन से आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखाई देगी।
जापान
जापान, हांगकांग के लोगों के लिए सबसे अच्छा डेस्टिनेशन माना जाता है। यही कारण है कि जापान ने यहां से आने वाली उड़ानों की संख्या को सीमित करने का फैसला किया है। यह फैसला 21 जनवरी से शुरू होने वाले लूनर न्यू ईयर हॉलिडे से पहले पीक स्टोर सीजन के लिए किया गया है। यहां चीन से आने वाले सभी लोगों के लिए एंटीजन टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें 7 दिन के क्वारंटीन से चुनेंगे।
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