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जाने माने निर्माता, निर्देशक राजकुमार संतोषी अरसे बाद फिल्म ‘गांधी गोडसे एक युद्ध’ के जरिये बड़े परदे पर वापसी कर रहे हैं। फिल्म का विषय अभी से विवादों में हैं और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने भी इस फिल्म में गोडसे की विचारधारा के प्रचार पर टिप्पणी की है। फिल्म में महात्मा गांधी के तमाम ऐसे पहलुओं को भी समेटा गया है जिन पर फिल्म की रिलीज के बाद चर्चाएं तेज हो सकती हैं। फिल्म में ऐसा ही एक किरदार है सुषमा का, जिसे निभा रही हैं तनिषा संतोषी। उनसे ‘अमर उजाला’ की एक खास मुलाकात…
किरदार से ज्यादा मुझे इस फिल्म के सीन ने प्रेरित किया। ये ऐसा दृश्य है जिस पर अभिनय करने का मौका जल्दी किसी कलाकार को नहीं मिलता है। यह सीन मुझे इतना अच्छा लगा कि मैंने सोचा कि यह किरदार मुझे करना ही है। जिस नाटक पर यह फिल्म बनी है वह नाटक भी मैंने पढ़ा था। लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि फिल्म में एक लड़की का भी महत्वपूर्ण भाग है। जब पूरी स्क्रिप्ट तैयार हो गई तब मैंने उस किरदार के बारे में जाना।
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तो क्या है वह किरदार और शूटिंग के पहले दिन का क्या सीन था?
फिल्म ‘गांधी गोडसे एक युद्ध’ में मैं सुषमा का किरदार निभा रही हूं। सुषमा के पिता की आखिरी ख्वाहिश थी कि वह गांधीजी के साथ काम करें। फिल्म में कुछ ऐसा होता है कि सुषमा के वजह से गांधीजी के अंदर एक बदलाव आता है। इस तरह से गांधी जी का इस फिल्म में एक दूसरा पहलू भी दिखाया गया है। शूटिंग के पहले दिन का सीन कुछ ऐसा था कि गांधी जी के पास यह बोलने जा रही हूं कि आपके साथ मुझे देश की सेवा करनी है। अपने साथ मुझे रख लीजिए।
पहले दिन शूटिंग को लेकर आप कितनी उत्साहित या कितनी नर्वस थीं?
मैं बहुत ही नर्वस थी, शूटिंग से पहली रात बिलकुल भी सो नहीं पाई थी। मैं अपने निजी जिंदगी में बहुत शर्मीली हूं। हालांकि कैमरे के सामने मुझे खुद पर भरोसा आ जाता है। शूटिंग के बाद मैंने मम्मी को बोला भी था कि यह मेरे जीवन का सबसे सुखद पल रहा है, इतनी खुशी मुझे जिंदगी में कभी नहीं मिली थी।
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फिल्म ‘लज्जा’ में माधुरी जी और रेखा जी की एक्टिंग देखना मुझे याद है। तब मैं बहुत छोटी थी, बस उनको काम करते देखती रहती थी। एक्टिंग की उतनी समझ नहीं थी लेकिन उनको काम करते देखकर अच्छा लगता था। जब पापा ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ की शूटिंग कर रहे थे तो मैने रणबीर कपूर को एक्टिंग करते देखा और उनसे बहुत कुछ सीखा। वह खुद को निर्देशक के हवाले कर देते हैं। कैटरीना कैफ से भी बहुत कुछ सीखा। वह बहुत ही मेहनती हैं।
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