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निर्मला सीतारमण।
– फोटो : amarujala.com
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नए कर स्लैब को आकर्षक बनाने के लिए सरकार 2023-24 के बजट में दरों में संशोधन कर सकती है। मामले से जुड़े दो सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इस पर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को लेना है। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
एक सरकारी सूत्र ने बताया कि जब नई आयकर व्यवस्था लाई गई थी, उसमें छूट देने की कोई योजना नहीं थी। अब अगर नई आयकर व्यवस्था में छूट और कर कटौती की अनुमति दी जाती है तो यह उसे जटिल बना देगी। सरकार ने 2020 के बजट में वैकल्पिक तौर पर नई कर व्यवस्था पेश की थी। इसमें 6 स्लैब हैं।
ज्यादा खर्च के लिए छूट देने की जरूरत : पीएचडी चैंबर
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा, ज्यादा खर्च के लिए कर छूट में वृद्धि, व्यापार की लागत घटाने और छोटे उद्योगों को सस्ता कर्ज देने की जरूरत है। खुद के घर की खरीद पर कर छूट को बढ़ाकर 5 लाख करने की भी मांग की।
दैनिक उपयोग के सामान पर कर घटाने की मांग: फेडरेशन ऑफ रिटेलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव विनय कुमार ने तस्करी और नकली उत्पादों की ज्यादा मांग का मुकाबला करने के लिए दैनिक उपयोग के सामान पर कर कटौती की मांग की।
फसल सुरक्षा वाले रसायनों पर घटे जीएसटी : एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसीएफआई) ने फसलों की सुरक्षा वालों रसायनों पर जीएसटी और आयात शुल्क में कटौती करने की मांग की है।
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