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भारत श्रीलंका संबंध: विदेशी कर्ज और आर्थिक तंगी में डूबा श्रीलंका एक बार फिर मदद के लिए भारत की ओर देख रहा है। अपने विदेश दौरे पर कोलंबो पहुंचे विदेश मंत्री डॉक्टर जयशंकर ने श्रीलंका को मदद की क्षति पहुंचाई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और उनके छोटे भाई गोटबाया राजपक्षे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों में आपस में दोस्ती को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
मदद के लिए भारत का धन्यवाद
बैठक में राजपक्षे बंधुओं ने संकट के समय श्रीलंका की सहायता करने के लिए भारत सरकार का धन्यवाद दिया। महिंदा राजपक्षे (77) ने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के साथ सफलता पर चर्चा हुई। इस दौरान आपसी हित से जुड़े कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। श्रीलंका के संकट के समय में सहायता करने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया।’
जयशंकर ने भी बैठक के बाद ट्वीट कर कहा, ‘आज पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे से मिलने की। श्रीलंका के सामने भूत और जरूरत की इस घड़ी में भारत के दृष्य पर विचार किया गया।’
विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात
जयशंकर ने जिम्मेदार के नेता सजिथ प्रेमदासा बैठक कर आवास विश्राम को मजबूत करने पर चर्चा की। इसके साथ ही श्रीलंका (श्रीलंका) के मत्स्य मंत्री डगलस देवनन से भी बैठक कर मछली पालन पर सहयोग को लेकर चर्चा की। उन्होंने इस क्षेत्र में साथ मिलकर काम किया और मानवीय दृष्टिकोण को गोद लिया।’
पिछले साल हालात हो गए थे बेकाबू
कथित तौर पर पिछले साल जुलाई में ज़ब्त श्रीलंका (श्रीलंका) में जनाक्रोश भड़क उठा था, जब वहां की आर्थिक स्थिति बेकाबू हो गई थी। चीजों की कमी और बेतहाशा से परेशान लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद भरी हुई राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (73) पिछले साल जुलाई में देश छोड़ कर चले गए थे। इसके बाद रानिल विक्रमसिंघे को देश का नया राष्ट्रपति बनाया गया था। अब वहां पर जोखिम में आते हुए दिख रहे हैं।
(एजेंसी भाषा)
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