Home Breaking News Lucknow : ताश के पत्तों की तरह ढहा पांच मंजिला अपार्टमेंट, मलबे में दबे 14 लोग निकाले गए, रेस्क्यू जारी

Lucknow : ताश के पत्तों की तरह ढहा पांच मंजिला अपार्टमेंट, मलबे में दबे 14 लोग निकाले गए, रेस्क्यू जारी

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Lucknow : ताश के पत्तों की तरह ढहा पांच मंजिला अपार्टमेंट, मलबे में दबे 14 लोग निकाले गए, रेस्क्यू जारी

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Lucknow Building Collapse

Lucknow Building Collapse
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ में मंगलवार शाम खौफनाक हादसे में वजीर हसन रोड स्थित पांच मंजिला अपार्टमेंट अलाया ताश के पत्तों की तरह ढह गया। मलबे में तीस से अधिक लोग दब गए। सूचना पर पुलिस, दमकल, एसडीआरएफ और सेना के जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर अब तक 14 लोगों को बाहर निकाल अस्पताल में भर्ती कराया है। बाकी फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत-बचाव कार्य जारी है। 

लखनऊ के डीएम सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि रिहायशी इमारत गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अभी ऑपरेशन जारी रहेगा। 5-6 लोग फंसे हैं। हमने उनमें से कुछ से संपर्क किया है। उन्हें ऑक्सीजन मुहैया कराई जा रही है। डीजीपी डीएस चौहान ने बताया कि पांच लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं।  उन्हें उचित ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। वे एक ही कमरे में हैं। हम दो लोगों के संपर्क में हैं। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की उचित जांच की जाएगी। 

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक व नगर विकास मंत्री एके शर्मा समेत शासन प्रशासन के तमाम आलाधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट में कुल 12 फ्लैट हैं। सबसे ऊपर एक पेंटहाउस है। शाम करीब साढ़े छह बजे अचानक से ये इमारत ढह गई। इलाकाई लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर राहत बचाव कार्य के लिए पुलिस के अलावा एसडीआरएफ, सेना व दमकल के जवान पहुंचे।

देर रात एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। तीन चार जेसीबी लगाकर मलबा हटाकर व हैंड ड्रिलिंग मशीन की मदद से मलबे को काटकर फंसे लोगों को बाहर निकाला जाने लगा। देर रात तक टीमें एक एक 12 लोगों को बाहर निकाला। मलबा इतना अधिक है कि उसको हटाने में लंबा वक्त लगेगा। डीजीपी डीएस चौहान ने बताया कि जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त आठ से दस परिवार मौजूद थे। 

इस वजह से हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक भूतल पार्किंग में पानी का रिसाव हो रहा था। इसलिए मालिक वहां पर पाइप डलवाने के लिए काम करवा रहा था। तीन दिनों से काम जारी था। ड्रिलिंग मशीन से खोदाई की जा रही थी। जानकारी के मुताबिक अंडरग्राउंड एक कमरे का भी निर्माण कराया जा रहा था। आशंका है कि इसी दौरान इमारत का फाउंडेशन ग्रिड डैमेज हुआ। जिसकी वजह से पूरी इमारत ढह गई। 

मोबाइल से बात करते रहे दबे लोग

डीजीपी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम मलबे में दबे लोगों के संपर्क में है। एक मोबाइल फोन फंसे लोगों को दिया गया है। जिससे बातचीत हो रही है। फिलहाल वह सुरक्षित हैं। प्रयास है कि इन सभी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए। 

सपा नेता के परिजन दबे 

मलबे में दबने वाले लोगों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। इसमें कुछ परिवार राजनैतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े हुए भी बताए जा रहे हैं। सपा प्रवक्ता हैदर अब्बास की मां बेगम आमिर हैदर और पत्नी उजमा मलबे में दबे हुए हैं। उनके पिता आमिर हैदर व बेटा मुस्तफा को सुरक्षित निकाल लिया गया। वह खुद अपने परिवार को बचाने की गुहार अधिकारियों से लगाते हुए बाहर मौजूद रहे। 

पूर्व मंत्री का ये है कनेक्शन 

सपा के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे व भतीजे की ये जमीन थे। जिस पर बिल्डर एग्रीमेंट कर याजदान बिल्डर ने अपार्टमेंट बनवाया था। जिसमें फ्लैट नंबर 401 शाहिद मंजूर का भी है। जिसमें उनकी बेटी व दामाद रहते हैं। 

बचाव कार्य हमारी प्राथमिकता

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मौके पर पहुंचे। उनका कहना है कि हादसा दु:खद है। किस वजह से बिल्डिंग गिरी। इसकी जांच कराई जाएगी। अभी हमारी प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों का बचाव कार्य है। डिप्टी सीएम ने शहर के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया। तत्काल डॉक्टरों को ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए। सभी ब्लड बैंक से संपर्क कर पर्याप्त ब्लड का इंतजाम करने का भी आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने लिया हादसे पर अपडेट

हादसे के तुरंत बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम सूर्यपाल गंगवार ने पूरे हादसे पर अपडेट लिया। बचाव कार्य तेजी से कराने के निर्देश भी दिए। वहीं शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इनमें प्रमुख सचिव सूचना व गृह संजय प्रसाद, डीजीपी डीएस चौहान, मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब, पुलिस आयुक्त एसबी शिरडकर भी मौके पर पहुंच गए।

डीजीपी का दावा: 12 निकाले गए, 5-6 लोग और फंसे

रात करीब 12 बजे डीसीपी डीएस चौहान ने प्रकरण में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त इमारत में करीब 18 लोग मौजूद थे। जिसमें 12 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। पांच से छह और लोगों के दबे होने की आशंका है। राहत बचाव कार्य लगातार जारी है। 

ड्रिलिंग को लेकर हुआ था विवाद 

अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में आलोका अवस्थी रहती हैं। उनके साथ उनकी मां रंजना भी रहती हैं। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग ही अवैध बनी है। फिर भी निर्माण कार्य जारी था। सोमवार को जब ड्रिलिंग हो रही थी तब उन्होंने विरोध किया था, इस पर विवाद हुआ था। मंगलवार को भी दोपहर में इसी बात पर कहासुनी हुई थी लेकिन काम जारी रहा। कुछ ही घंटे बाद इतना बड़ा हादसा हो गया। 

ये हुए घायल: 

1- मोहम्मद यूसुफ खान 

2- अशल्यू वंश

3- मुस्तफा

4- नसरीन खान

5- आमिर हैदर

6- रंजना अवस्थी

7- आलोका अवस्थी 

8- खालिद 

9- उन्नति 

10- हामिद

दो अन्य  

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