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उस्ताद अमजद अली खान
– फोटो : Amar Ujala
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रबाब। अफगानिस्तान-ईरान का लोकवाद्य। इस वाद्य का जब भारतीयकरण हुआ तो इसे सरोद कहा जाने लगा। मौजूदा दौर में हम जिस सरोद को सुनते हैं, उसका श्रेय जाता है सेनिया बंगश घराने को। इसी घराने के प्रख्यात सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान अपने दोनों शिष्य-सुपुत्रों अमान अली बंगश और अयान अली बंगश के साथ सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम में मौजूद थे। मौका था अमर उजाला ‘शब्द सम्मान’ का।
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