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इमरान खान
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह केवल देश के सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों को निशाना बना रहा है और वह किसी राजनीतिक हस्ती के खिलाफ नहीं है। दरअसल, इमरान खान ने दावा किया था कि टीटीपी उनकी हत्या की साजिश रच रहा है और इसे अंजाम देने का काम दक्षिण वजीरिस्तान प्रांत के निवासियों को सौंपा गया है।
पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ताओं के साथ बैठक में किया था दावा
पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार ने टीटीपी के एक बयान के हवाले से कहा, हमें सूचना मिली है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख ने पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ताओं के साथ बैठक में दावा किया कि टीटीपी उनकी हत्या की साजिश रच रहा है और इसे अंजाम देने का काम दक्षिण वजीरिस्तान के निवासियों को सौंपा गया है।
लॉन्ग मार्च के दौरान बंदूकधारियों ने बरसाई थीं गोलियां
पीटीआई प्रमुख खान पिछले साल नवंबर में घायल हो गए थे, जब उनके दाएं पैर में गोली लगी थी। इमरान खान इस्लामाबाद के लिए लॉन्ग मार्च निकाल रहे थे। इसी दौरान जब वह लाहौर से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर वजीराबाद इलाके से गुजर रहे थे और एक कंटेनर माउंटेड ट्रक पर खड़े थे, तो बंदूकधारियों ने गोलियों की बौछार कर दी थी।
पेशावर की उच्च सुरक्षा वाली मस्जिद में आत्मघाती हमला
इसी साल तीस जनवरी को पेशावर मस्जिद में नमाज के दौरान तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। ये उच्च सुरक्षा वाला इलाका है। इस आत्मघाती हमले में 101 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
टीटीपी के सामने पस्त पाकिस्तान, अफगान तालिबान से हस्तक्षेप की मांग
पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत आतंकवाद की ताजा लहर से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही इससे सटे बलूचिस्तान और पंजाब का मियांवाली शहर भी इससे प्रभावित हुआ है। हाल के हमलों के बाद पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने टीटीपी को नियंत्रित करने के लिए अफगान तालिबान प्रमुख हेबतुल्लाह अखुंदजादा से हस्तक्षेप की मांग करने का फैसला किया था।
नवंबर 2022 में संघर्ष विराम खत्म, आतंकवादी हमले हुए तेज
जून 2022 में पाकिस्तान सरकार और टीटीपी के बीच अनिश्चित काल के लिए संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी। लेकिन नवंबर में टीटीपी ने इस संघर्ष विराम को समाप्त करने की घोषणा की और सुरक्षा बलों पर हमले करने का आदेश दिया था।
2014 में आर्मी पब्लिक स्कूल में मारे गए करीब डेढ़ सौ लोग
अलकायदा से करीबी संबंध रखने वाले टीटीपी ने धमकी दी है कि अगर सत्तारूढ़ गठबंधन आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जारी रखता है, तो वह प्रधानमंत्री शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाएगा। साल 2014 में टीटीपी ने पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल को निशाना बनाया था, जिसमें 131 छात्रों सहित कम से कम डेढ़ सौ लोग मारे गए थे।
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