[ad_1]
गोल्फबॉल हिट करने वाला पहला व्यक्ति: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के चंद्र मिशन अपोलो-14 ने 51 साल पहले चांद (चंद्रमा) की सतह को छुआ था। अपोलो-14 (अपोलो-14) आधिकारिक रूप से चांद पर पहला साइंटिफिक मिशन था जो कई तरह से ये सफल भी रहा था। चांद की सतह पर गिरने और पृथ्वी पर लौटने की किसी भी तकनीकी प्रभाव के बावजूद वैज्ञानिकों का ध्यान चंद्रमा की उत्पत्ति से जुड़े हुए पदार्थ पर था। इस मिशन के दौरान एक अंतरिक्षयात्री ने कुछ ऐसा किया जो इतिहास बन गया। ऐसा इसलिए क्योंकि खुद नासा के मिशन चीफ को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
चांद पर खेला गया गोल्फ, अंतरिक्षयात्री खिलाड़ी थे
इस मिशन पर अंतरिक्षयात्री एलेन शेफर्ड गोल्फर थे और वो इस मिशन पर अपने साथ गोल्फ स्टिक और गोल्फ की गेंदें भी लेकर गए थे। चांद की सतह पर पहुंचने के बाद शेफर्ड ने कुछ जरूरी प्रयोग किए। काम खत्म कर उन्होंने चांद पर गोल्फ खेला। उन्होंने दो गेंदें हिट कीं, जिनमें से एक चांद की सतह पर गिरियां थीं, इसे बायोलिन कार्टर नाम दिया गया। इस घटना के साथ शेफर्ड चांद पर गोल्फ खेलने वाले पहले व्यक्ति बन गए।
स्पेस सूट में छिपी हुई गोल्फ स्टिक
शेफर्ड और उनके साथी अट्रैंक्ष यात्री एगर मिटशेल चांद से करीब 4,500 मिलियन साल पुराने क्रिस्टलीय रॉक का नमूना भी लेकर आए थे, जो बिल्कुल सफेद रंग का था। चांद पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट की इस जोड़ी ने सबसे ज्यादा चलने का रिकॉर्ड भी बनाया था। इस जोड़ी ने चांद की सतह पर खोज में 9 घंटे से ज्यादा घसीटा था, जो पिछले किसी भी मिशन से ज्यादा था। आप घोषित कर चुके हैं कि शेफर्ड गोल्फ स्टिक और बॉल वो अपने स्पेस सूट में छिपे हुए थे।
चिपकी धरती पर लौटी 50 साल बाद मिली बॉल
धरती पर लौटने के बाद उनकी गोल्फ स्टिक को अमेरिकन गोल्फ एसोसिएशन के गोल्फ म्यूजियम में रखा गया। आज भी इतिहास और अंतरिक्ष में पानी भरने वाले लोग जब यूएस जाते हैं तो म्यूजियम में जाकर उस स्टिक को देखना नहीं भूलते हैं। इस घटना के करीब 50 साल बाद 2021 में नासा ने गोल्फ की उन दोनों गेंदों को यादगार बनाने का दावा किया। अंतरिक्ष एजेंसी ने दो साल पहले अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से चंद्रमा की सतह की कई तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में दोनों गोल्फ बॉल्स की अलग-अलग जानकारी दी गई है।
आगे का! कब #अपोलो14 अंतरिक्ष यात्री एलन शेपर्ड ने चंद्रमा पर दो गोल्फ गेंदें मारीं, वह इतिहास में पहले चंद्र गोल्फर बन गए। उनकी एक गोल्फ की गेंद लगभग 50 फीट (15 मीटर) दूर एक गड्ढे में जा गिरी, जिससे यह दूसरी दुनिया का पहला होल-इन-वन बन गया। #मूनक्रशमंडे pic.twitter.com/aAuCa0L5Qi
– नासा मून (@NASAMoon) 1 फरवरी, 2021
भारत की पहली पसंद Zeenews.com/hindi – अब किसी और की पहचान नहीं
.
[ad_2]
Source link