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पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था
– फोटो : AMAR UJALA
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पाकिस्तान के आर्थिक हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार कमी हो रही है जो 9 साल के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया। पाकिस्तान की आम जनता की कमर बढ़ती महंगाई से टूट रही है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। इन सबके बीच पाकिस्तानी सरकार की सबसे बड़ी उम्मीद को भी तगड़ा झटका लगा है। उसकी आईएमएफ के साथ बेलआउट पैकेज को लेकर चल रही बातचीत भी असफल हो गई है।
पाकिस्तान आया आईएमएफ का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को वापस वॉशिंगटन लौट गया। इस प्रतिनिधिमंडल और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच आईएमएफ द्वारा पास 1.1 बिलियन डॉलर के कर्ज को जारी करने के लिए 10 दिन बातचीत चली। इसके बाद भी आईएमएफ के समझौते पर हस्ताक्षर के बिना ही वापस लौट गए।
हालांकि, पाकिस्तान अभी भी आईएमएफ से कर्ज मिलने की उम्मीद कर रहा है। पाकिस्तानी दल का नेतृत्व कर रहे पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को कहा कि दोनों पक्ष सोमवार से वर्चुअल मोड में वार्ता फिर से शुरू करेंगे।
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