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हैदराबाद में बच्चे पर आवारा कुत्तों का हमला
– फोटो : Social Media
विस्तार
तेलंगाना हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमले में चार साल के मासूम की मौत के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मामले को खुद उठाते हुए एक जनहित याचिका शुरू की है। हाईकोर्ट ने इस घटना पर एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का संज्ञान लिया। प्रधान न्यायाधीश उज्जल भुइयां की पीठ गुरुवार को जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।
कोर्ट ने इन लोगों को याचिका में बनाया है प्रतिवादी
कोर्ट ने मुख्य सचिव, नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव, ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉपरेशन (GHMC) आयुक्त, जीएचएमसी उपायुक्त (अंबरपेट), जीएचएमसी पशु चिकित्सा अधिकारी, हैदराबाद जिला कलेक्टर और तेलंगाना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव को जनहित याचिका में प्रतिवादी बनाया है।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, हैदराबाद में 19 फरवरी को आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक चार साल के बच्चे पर हमला कर दिया था और उसे नोच-नोच कर मार डाला था। अंबरपेट में उस परिसर के एक सीसीटीवी कैमरे में घटना के दिल दहलाने वाले दृश्य कैद हो गए थे। परिसर में लड़के के पिता सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे। बच्चा प्रदीप अपने पिता के साथ काम पर गया था, जब उस पर आवारा कुत्तों ने हमला किया था।
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