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Argemone
– फोटो : अमर उजाला
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प्रयागराज में ड्रॉप्सी से तीन लोगों की मौत मामले में घरेलू सरसों के तेल में भटकटैया (आर्जीमोन) के बीज का अंश मिला है। अब घरेलू तेल में इसके मौजूद होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए आसपास के आठ सैंपल भी लिए गए हैं, जिसकी जांच रिपोर्ट आना बाकी है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महानिदेशालय ने पूरे मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
प्रयागराज में ड्रॉप्सी से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत का मामला लखनऊ पहुंचा तो हलचल मच गई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सक्रिय हुआ। उप आयुक्त हरिशंकर सिंह ने प्रयागराज की सहायक आयुक्त (खाद्य) ममता चौधरी से रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट में बताया गया है कि टीम ने मौके पर जाकर पड़ताल की। परिजनों ने बताया है कि वे खेत में तैयार सरसों की पेराई कराए थे। उसी तेल का प्रयोग करते रहे हैं। लेकिन, जब उनके घर में रखे तेल की जांच कराई गई तो उसमें आर्जीमोन पाया गया है। अब घरेलू तेल में आर्जीमोन आने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए गांव से अन्य आठ घरों से सैंपल लिए गए हैं। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी।
क्या है भटकटैया
इस पौधे को भटकटैया व भरभंडा भी कहते हैं। इसका बीज सरसों के बीज की तरह होता है। इसके मिलावट वाला सरसों का तेल खाने से ड्रॉप्सी बीमारी होती है। केजीएमयू के गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. अनिल गंगवार के मुताबिक ड्रॉप्सी में हाथ-पैर फूल जाते हैं। शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। रक्तचाप कम हो जाता है। लिवर प्रभावित होने से कई बार मरीज की मौत हो जाती है।
महानिदेशालय ने मांगी रिपोर्ट
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. लिली सिंह ने बताया कि तीन लोगों की मौत मामले में प्रयागराज के सीएमओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया है।
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