Home Breaking News जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान से आने के बाद लाला रफी फैला रहा था नारको टेररिज्म, घर से सात किलो हेरोइन और नकदी बरामद

जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान से आने के बाद लाला रफी फैला रहा था नारको टेररिज्म, घर से सात किलो हेरोइन और नकदी बरामद

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जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान से आने के बाद लाला रफी फैला रहा था नारको टेररिज्म, घर से सात किलो हेरोइन और नकदी बरामद

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पाकिस्तान में डेढ़ साल बाद लौटा रफी लाला नारको टेररिज्म में संलिप्त था। उसके सीमापार संबंध थे। वह जनवरी माह से पीएसए के तहत जेल में बंद है। शुक्रवार को मंडी तहसील के साथरा क्षेत्र के गांव डन्ना डूईयां में पुलिस और सुरक्षाबलों ने उसके घर से सात किलो हेरोइन, दो करोड़ 30 लाख से अधिक नकदी और हथियार बरामद किए हैं। यह बड़ी सफलता है। यह बातें पुंछ-राजेारी रेंज के डीआईजी डॉ. हसीब मुगल ने प्रेसवार्ता में कही।



उन्होंने बताया कि उसके खिलाफ  पहला मामला 2012 में दर्ज हुआ था, जब उसके पास से एक एके राइफल, मैगजीन और गोलियां बरामद की गई थीं। उसके उपरांत 2014 में दूसरा मामला दर्ज किया गया, जब वह 54 किलो ग्राम हेरोइन के साथ दबोचा गया। उसके पास से एक बार पाकिस्तानी मोबाइल व सिमकार्ड बरामद होने पर उसे दबोचा गया था। वह पाकिस्तान भी जा चुका है, और वहां करीब डेढ़ वर्ष रहा है। रफी लाला पाकिस्तान से लौटने के बाद नारको-टेररिज्म फैला रहा है, जिसके चलते बीते महीने से वह जेल में बंद है।


 पति की करतूत का पत्नी को जानकारी होने का शक

कुख्यात नशा तस्कर रफी लाला के घर से सुरक्षाबलों द्वारा बरामद किए गए ड्रग्स और करोड़ों रुपये के बारे में रफी लाला के साथ उसकी पत्नी को भी जानकारी रही होगी। हालांकि, अभी यह बात स्पष्ट नहीं हुई है। रफी लाला के घर के दो हिस्से हैं, जिनमें से एक में उसका एक पुत्र एवं उसका परिवार, जबकि दूसरे में रफी लाला और उसकी पत्नी रहती है। उसका दूसरा बेटा साथ के मकान में रहता है।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रफी के मकान के उस हिस्से से ही ड्रग्स, हथियार और करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं, जिसमें रफी और उसकी पत्नी रहती है। जब रफी के मकान पर सुरक्षाबलों ने छापामारी की, उस समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। परंतु उसकी बहुएं, उनके बच्चे एवं एक बेटा मौजूद था, जो कार्रवाई से पहले वहां से खिसक गया। बहुओं और बच्चों के घर में मौजूद होने के बावजूद रफी और उसकी पत्नी के मकान वाले हिस्से में दोनों दरवाजों पर ताले लगे हुए थे, जिन्हें तोड़ने के बाद तलाशी ली गई, और देश विरोधी चीजें बरामद हुईं।


आतंकवाद को समाप्त करना पहला और नारको-टेररिज्म को कुचलना दूसरा एजेंडा

डीआईजी ने कहा कि जिले में आतंकवाद और नारको-टेररिज्म फैलाने के लिए एक पूरा देश लगा हुआ है। पुंछ जिला करीब 11 किमी नियंत्रण रेखा पर स्थित है, जिसके चलते उस पार से आतंकवाद और मादक पदार्थों को इस तरफ भेजा जा रहा है। जिले में सुरक्षाबलों का प्रथम एजेंडा आतंकवाद को समाप्त करना और द्वितीय एजेंडा नारको-टेररिज्म को कुचलना है।


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