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73 लोगों की मौत हो गई थी।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पंकज भंडारी और समीर जैन की डिविजनल बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जांच अधिकारी को लीगल जानकारी नहीं है। इसलिए जांच अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए DGP को निर्देश दिए। कोर्ट ने मुख्य सचिव को भी जांच करने वाले अफसरों की जांच कराने को कहा है। हाईकोर्ट ने 13 मई 2008 को हुए जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट मामले में 4 दोषियों को बुधवार को बरी कर दिया। जबकि मामले के दोषी एक नाबालिग का मामला किशोर बोर्ड को भेजा है। कोर्ट ने इस मामले में डेथ रेफरेंस सहित दोषियों की ओर से पेश 28 अपीलों पर फैसला सुनाया है।
निचली कोर्ट ने UAPA के तहत अलग-अलग धाराओं में 4 आरोपियों को दोषी माना था
साल 2019 में निचली कोर्ट ने जयपुर बम ब्लास्ट केस में फैसला सुनाते हुए इस मामले के 4 आरोपियों को दोषी माना था। कोर्ट ने आरोपियों को UAPA के तहत अलग-अलग धाराओं में दोषी माना था और एक आरोपी को बरी भी कर दिया था। मामले में कुल 5 आरोपी थे।
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