[ad_1]

संगरूर सांसद सिमरनजीत सिंह मान।
– फोटो : फाइल
विस्तार
पंजाब पुलिस को 14 दिन से छका रहे खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को संगरूर के सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने पाकिस्तान भाग जाने की विवादित सलाह दी है। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह मान ने संगरूर उपचुनाव में जीत हासिल की थी। 77 साल के सिमरनजीत सिंह मान पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं।
सिमरनजीत सिंह मान का जन्म साल 1945 में शिमला में हुआ था। चंडीगढ़ के सरकारी कॉलेज से स्नातक करने के बाद 1967 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए। इस दौरान वे पुलिस अधीक्षक (सतर्कता), एसपी (मुख्यालय), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) फिरोजपुर, एसएसपी फरीदकोट और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के ग्रुप कमांडेट सहित विभिन्न पदों पर रहे।
यह भी पढ़ें : Navjot Sidhu: कल पटियाला जेल से बाहर आएंगे ‘गुरु’, रोडरेज मामले में मिली थी एक साल की सजा
वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साढ़ू हैं। उन्होंने 18 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में नौकरी छोड़ दी थी। मान खालिस्तान के समर्थक रहे हैं और विभिन्न मंचों पर सिखों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान विधानसभा स्पीकर रह चुके थे।
कृपाण के बिना नहीं गए थे संसद
तरनतारन से 88 प्रतिशत वोट पाने के बाद भी सिमरनजीत सिंह मान कभी संसद नहीं गए। इसके पीछे का रोचक तथ्य यह है कि संसद में कृपाण ले जाने की मनाही थी, बिना कृपाण के उन्होंने संसद जाना छोड़ दिया। वह हमेशा अपने पास कृपाण को साथ रखते हैं। दो दशक बाद संसद लौटे 77 वर्षीय मान ने 23 साल बाद संगरूर सीट पर जीत हासिल की है। वे साल 1989 में तरनतारन और 1999 में संगरूर से लोकसभा के लिए चुने गए थे।
[ad_2]
Source link