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Rahul gandhi and PM Modi
– फोटो : Agency (File Photo)
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देश के अलग-अलग राज्यों में गुरुवार को हनुमान जयंती मनाई जा रही है। सोशल मीडिया से लेकर मंदिरों और अलग-अलग जगहों पर बड़े कार्यक्रम हो रहे हैं। एक तरह से हनुमानजी को अपना प्रेरणा स्रोत बताते हुए उनकी न सिर्फ पूजा अर्चना कर रहे हैं, बल्कि मंदिरों में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा भी पढ़ी जा रही है। हनुमान जयंती पर इन आयोजनों के बीच ‘सियासी अखाड़े’ में भी हनुमानजी के नाम की जोर आजमाइश चल रही है। भाजपा जहां हनुमानजी की अलौकिक शक्तियों के साथ उनकी खासियतों से अपनी पार्टी को जोड़ रही है, वही कांग्रेस भी सोशल मीडिया पर हनुमान भक्ति में लीन दिखी। भाजपा के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने जहां हनुमानजी को “हनुमान दादा” कहकर संबोधित किया, वहीं कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने हनुमान जी की गदा का फोटो लगाकर अपनी आस्था और गदा के सांकेतिक अर्थ भी साझा किए।
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प्रधानमंत्री मोदी ने हनुमानजी को ‘हनुमान दादा’ कहा
हनुमान जयंती पर कांग्रेस से लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी से लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी शुभकामनाएं दीं। लेकिन सियासी मैदान के महारथियों की ओर से दी जाने वाली शुभकामनाओं में ऐसे सियासी संदेश चुके थे, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा होनी शुरू हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भाजपा के स्थापना दिवस पर अपने भाषण की शुरुआत ही हनुमानजी की शक्तियों और उनकी विशेषताओं को लेकर की। मोदी ने हनुमानजी की शक्तियों के बारे में भाजपा नेताओं और देश दुनिया में उन्हें सुन रहे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के बाद भारत उस बजरंगबली की तरह से अपने अंदर महाशक्ति और सोई हुई शक्तियों का आभास कर चुका है और आज भारत समुंदर जैसे विशाल चुनौतियों को पार कर उनका मुकाबला करने में पहले से कहीं ज्यादा सक्षम हो चुका है। मोदी ने कहा कि 2014 से पहले हमें हमारी इस ताकत का एहसास ही नहीं कराया गया। उन्होंने देश में परिवारवाद भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर हनुमानजी का उदाहरण देते हुए कहा कि हनुमानजी को जब राक्षसों का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने अत्यंत साहस और ताकत के साथ उसका मुकाबला भी किया। ठीक इसी तरह भाजपा भी इन समस्याओं से मुकाबला करने के लिए मजबूती के साथ संकल्प बद्ध है। अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हनुमानजी को “हनुमान दादा” कहकर संबोधित करते हुए उनके आशीर्वाद की कामना की और जनता जनार्दन को ईश्वर का रूप बताया।
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