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हौसलों की उड़ान: इंसान में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो शारीरिक लाचारी भी उसकी कामयाबी के आड़े नहीं आती. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है ग्वालियर जिले के ब्रजेश ने. ब्रजेश दोनों हाथों से दिव्यांग हैं, एक आंख भी नही है. फिर भी वह कमाल के क्रिकेटर हैं. जिला स्तर की टीम खेल चुके ब्रजेश मध्य प्रदेश की टीम में दस्तक दस्तक देने को तैयार हैं. खास बात ये है कि यह क्रिकेटर दिव्यांग हाथ और पैरों से लिखता है.
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