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महाराष्ट्र भूषण समारोह में मौजूद लोग।
– फोटो : सोशल मीडिया
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नवी मुंबई के खारघर क्षेत्र में रविवार को खुले मैदान में आयोजित किए गए ‘महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार समारोह के दौरान तेज धूप की चपेट में आने के बाद 13 लोगों मौत हो गई। इस मामले को लेकर सोमवार को अधिकारियों ने सफाई दी। अधिकारियों ने कहा कि रायगढ़ जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने रविवार को नवी मुंबई कार्यक्रम में लू लगने की संभावना को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की थी, लेकिन गर्मी के कारण टैंकरों और नलों में पानी गर्म हो गया, जिससे कई लोग अपनी प्यास नहीं बुझा पाए और डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) का शिकार हो गए।
इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अप्पासाहेब धर्माधिकारी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ‘महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि रायगढ़ जिला प्रशासन और नवी मुंबई पुलिस ने 20 लाख लोगों के आने की आशंका को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए थे। वास्तव में इस कार्यक्रम में आठ से 10 लाख लोग शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग समारोह से एक दिन पहले ही पहुंच गए थे।
उन्होंने कहा कि धर्माधिकारी के अनुयायी रविवार सुबह से ही खुले मैदान में घंटों बैठे रहे और कई लोगों ने यह सोचकर पर्याप्त पानी नहीं पिया कि अगर अपनी जगह से हटे तो उन्हें फिर से वहां बैठने का मौका नहीं मिलेगा। समारोह समाप्त होने के बाद लोग टैंकरों और पानी के नलों की ओर दौड़ पड़े लेकिन तेज धूप के कारण पानी गर्म हो गया था। अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि बहुत से लोग तुरंत पर्याप्त पानी नहीं पी पाए, जिससे डिहाइड्रेशन का शिकर हो गए।
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