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आगलगी में 10 पक्के मकान भी जले हैं। 12 से अधिक बकरियां, एक भैंस और उसका एक बछड़ा जला है। इस आगलगी में विजयी चौहान, सरोज, इंद्रदेव, लालपहाड़ी, अलगू, मिथुन, गोरख, मीना, फुलेना, बेलास, सुब्बा, संतोष, मैनेजर, अनिल, राधाकिशुन, प्रेम, चन्नर, सरवन, जितेंद्र, रामआश्रय, बाबूलाल, राधेश्याम, शंभू, दुखी, नंदलाल, तुलसी, रामजस, राम केवल समते 76 घर जल गए हैं। इस आगलगी में फुलेना की आठ बकरियां भी जलकर मर गई। इसके अलावा साइकिल, बाइक, अनाज, कपड़े, गहने, नकद रुपए समेत सबकुछ जलकर राख हो गया।
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