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Cyber Attack
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हम भले ही साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर लाख बातें कर लें, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत आज भी साइबर हमलों से निपटने के लिए तैयार नहीं है। आए दिन भारत में सरकारी वेबसाइट हैक हो रही हैं और उन साइट को हैकर्स के कब्जे से छुड़ाने में हफ्तों लग जा रहे हैं। सच तो यह है कि भारत में आज भी साइबर अटैक को लेकर कोई सख्त कानून नहीं है जिसके तहत सजा हो सके। इस महीने की शुरुआत में ही भारत सरकार ने 12,000 ऐसी वेबसाइट की लिस्ट जारी की थी जो कि हैकर्स के निशाने पर थे। पिछले साल भारत सरकार की 50 वेबसाइट को हैकर्स ने शिकार बनाया था। ये आंकड़े केंद्र सरकार की वेबसाइट के हैं। अब ताजा मामला यूपी रोडवेज की साइट का है। यूपी रोडवेज की साइट पिछले दो दिनों से हैकर्स के कब्जे में हैं और इसे री-स्टोर करने में अभी भी एक सप्ताह का वक्त लग सकता है। हैकर्स ने बिटकॉइन में 40 करोड़ की फिरौती की मांग की है। आइए समझने की कोशिश करते हैं आखिर एक हैकर से सरकारी साइट को छुड़ाने में इतना वक्त क्यों लग रहा है और हैकर्स के खिलाफ सरकार की क्या तैयारियां हैं।
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