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अपने पिता लालू प्रसाद यादव के साथ बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव।
– फोटो : Getty Images
विस्तार
बिहार के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ गुजरात में दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में अहमदाबाद की एक अदालत ने जांच करवाने की बात कही है। गुजरात के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर ‘केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं’ कहने के मामले में गुजरात के समाजसेवी और कारोबारी 63 वर्षीय हरेष मेहता ने केस दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट में 20 मई को गवाही होगी। 33 साल के बिहार के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज कराया गया था।
अहमदाबाद में अपर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डी.जे. परमार की अदालत राजद नेता को समन जारी करने का फैसला करने से पहले सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा 202 के तहत उनके खिलाफ जांच करेगी। सीआरपीसी की धारा 202 आरोपी के खिलाफ सामग्री के आधार पर समन जारी करने के उद्देश्य से जांच से संबंधित है। मेहता के वकील पी. आर. पटेल ने कहा कि अदालत सीडी और पेन ड्राइव में प्रस्तुत साक्ष्य की प्रामाणिकता की जांच करेगी। उनमें (सीडी और पेन ड्राइव में) शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत यादव की कथित टिप्पणी है।
पटेल ने कहा कि यह मामले की 20 मई को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान उन लोगों से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने उक्त टिप्पणी को सुना था। मेहता ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दाखिल की थी और 21 मार्च को पटना में मीडिया से बातचीत में यादव द्वारा दिये गए बयान का सबूत पेश किया था।
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