Home Breaking News ओम राउत बोले, हम रहें न रहें रामकथा जारी रहे, पहली बार थ्रीडी में दिखेगी राम कथा

ओम राउत बोले, हम रहें न रहें रामकथा जारी रहे, पहली बार थ्रीडी में दिखेगी राम कथा

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ओम राउत बोले, हम रहें न रहें रामकथा जारी रहे, पहली बार थ्रीडी में दिखेगी राम कथा

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बचपन से ही लोककथाओं में मन की शांति पाने वाले फिल्म निर्देशक ओम राउत के जीवन का एक बहुत बड़ा सपना 16 जून को बड़े परदे पर साकार होने जा रहा है। अपनी पिछली फिल्म ‘तानाजी द अनसंग वॉरियर’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समेत तमाम पुरस्कार जीत चुके ओम राउत मानते हैं कि सिनेमा को देश की मिट्टी से जुड़ा हुआ होना ही चाहिए और भारतीय फिल्मकारों को देश के कोने कोने से उन कहानियों को तलाश कर दर्शकों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए जिससे हमारा देश भारत बना है।

 



अपनी अगली फिल्म ‘आदिपुरुष’ के ट्रेलर लॉन्च पर निर्देशक ओम राउत ने कहा,  ‘हिंदी में पहली बार भगवान श्री राम की गाथा बड़े परदे पर थ्रीडी और आईमैक्स पर देखी जाएगी। हमको पूरी फिल्म बनने के दौरान बहुत आनंद आया। हम भाग्यशाली हैं कि फिल्म ‘आदिपुरुष’ के जरिये प्रभु श्री राम की कहानी कहने का हमें मौका मिला है। रामायण की गाथा बरसों से हमारे देश में और दुनिया भर में सुनी और सुनाई जा रही है। हमारे देश के हर छोटे बड़े गांव में रामलीला होते आ रही है। और, मैं अपनी यह फिल्म ‘आदिपुरुष’ उन सभी लोगों को समर्पित करना चाहूंगा जो किसी न किसी तरह से भगवान राम के नाम से जुड़े हुए हैं।’

 


ओम राउत फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर भावुक भी दिखे। वह कहते हैं, ‘राम कथा अनंत है। इसे कहने सुनने का कोई छोर नहीं है। ये उसी तरह है जैसे कि हम एक बस में किसी स्थान से चढ़ते हैं और अपने गंतव्य पर उतर जाते हैं। वहां से कुछ और लोग इस बस में चढ़ते हैं और आगे सफर करते हैं। राम कथा भी एक बस की तरह है। ये चलती रहेगी। हमारी तरह कहने वाले और इस दौर के दर्शकों की तरह सुनने वाले इस पर चढ़ेंगे और उतरेंगे, लेकिन इसकी यात्रा अनंत काल तक जारी रहेगी।’


फिल्म ‘आदिपुरुष’ के संवाद मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं। ट्रेलर के एंड क्रेडिट्स में में उनका पूरा नाम मनोज मुंतशिर शुक्ला लिखा दिखाई देता है। ट्रेलर लॉन्च के मौके पर जब तक फिल्म के कलाकार मंच पर नहीं आए, सिनेमा हॉल में उपस्थित लोगों से बातचीत का मोर्चा उन्होंने ही संभाला। मनोज ने कहा, ‘भगवान राम के नाम के बिना देश का विश्व गुरु बनना अधूरा रह जायेगा। राम के आदर्शों की सबसे अधिक जरूरत इसी पीढ़ी को है।’

 


‘आदिपुरुष’ और भगवान राम की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए मनोज मुंतशिर ने कहा, ‘मैं एक 12 साल के बच्चे का पिता हूं और छोटे बच्चों का अक्सर यह सवाल होता है कि राम थे कौन? अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा कि राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे। मैं मानता हूं कि पिता हो तो राम जैसा, पति हो तो राम जैसा, बेटा हो तो राम जैसा, भाई हो तो राम जैसा और राजा हो तो भी राम जैसा। बापू ने भी देश में रामराज्य का ही सपना देखा था। और, इसी राम के अलौकिक जीवन की झलकियां फिल्म ‘आदिपुरुष’ दिखाने वाली है।’

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