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अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।
– फोटो : @rajnathsingh
विस्तार
भारत और अमेरिका ने रक्षा औद्योगिक सहयोग को और बेहतर बनाने और आगे बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। इस रोडमैप के तहत दोनों देश नई प्रौद्योगिकियों के सह-विकास के साथ ही मौजूदा और नई प्रणालियों के सह-उत्पादन पर काम करेंगे। साथ ही साथ दोनों देश रक्षा स्टार्ट-अप पारिस्थितिक तंत्र के बीच सहयोग को बढ़ावा भी देगें। वहीं, बैठक के बाद अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में नाटो की स्थापना वाले चीन के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हम इस क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे हैं।
यूएस-इंडिया डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन पर सहमति
इस रोडमैप पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के बीच एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान सहमति बनी। यह आने वाले सालों के लिए दोनों देशों की रक्षा नीतियों का मार्गदर्शन करेगा। इसे लेकर रक्षा मंत्रालय ने एक बयान भी जारी किया है। मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस चर्चा में औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के तरीकों की पहचान करने पर विशेष रूप से विमर्श किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने यूएस-इंडिया डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन पर सहमति बनाई। इसके साथ ही राजनाथ सिंह और लॉयड ऑस्टिन ने मजबूत और बहुमुखी द्विपक्षीय रक्षा सहयोग गतिविधियों की समीक्षा की और सहयोग की गति को और तीव्र बनाने पर सहमति जताई।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता पर भी हुई चर्चा
इस दौरान दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में अपने साझा हित को देखते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि भारत-अमेरिका की साझेदारी खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि हम क्षमता निर्माण और अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अमेरिका के साथ निकटता से काम करने के लिए तत्पर हैं।
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