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शरद पवार-सुप्रिया सुले (फाइल फोटो)
– फोटो : Facebook
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में पिछले महीने शरद पवार की ओर से पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद जो भूचाल आया था, वह उनके इस्तीफा वापस लेने के बाद ही थमा था। हालांकि, इससे पार्टी में अंदरूनी हितों से जुड़े मुद्दे खुलकर सतह पर आ गए थे। इस बीच राकांपा में संगठन में बड़े बदलाव किए गए हैं। शरद पवार की ओर से एनसीपी में अब दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं। इनमें शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले का नाम भी शामिल है। वहीं, दूसरा नाम प्रफुल्ल पटेल का है।
इस बीच एनसीपी में शरद पवार के भतीजे अजित पवार को यह अहम पद न देना अपने आप में कई सियासी संकेत देता है। दरअसल, पवार ने यह एलान एनसीपी की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर किए। इस दौरान अजित पवार मंच पर ही मौजूद थे। पवार ने प्रफुल्ल पटेल को मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, गोवा राज्य के अलावा राज्यसभा की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं, सुप्रिया सुले के पास महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, यूपी और लोकसभा की जिम्मेदारी दी गई है।
कार्यकारी अध्यक्ष पद के बंटवारे पर क्या बोले छगन भुजबल
इस बीच राकांपा नेता छगन भुजबल ने शरद पवार के एलान पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष के एलान के साथ ही चुनाव का काम और लोकसभा-राज्यसभा का काम बंट जाएगा। उन्हें चुनाव नजदीक आने के साथ ही कंधों पर ज्यादा जिम्मेदारी दी गई है। यह 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अहम एलान है।
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