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मुंबई पुलिस
– फोटो : ANI
विस्तार
फिल्म आदिपुरुष के निर्देशक ओम राउत, निर्माता कृष्ण कुमार के खिलाफ हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मुंबई के अंधेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता एनजीओ संघर्ष के अध्यक्ष पृथ्वीराज मस्के ने शिकायत दी है।
शिकायत के अनुसार, फिल्म में सीता को सफेद साड़ी पहने दिखाया गया है, जब उन्होंने महल छोड़ा, उस समय भगवा साड़ी पहने हुई थीं। भगवान राम को फिल्म में योद्धा के रूप में दिखाया गया है, हालांकि वह मर्यादा पुरुषोत्तम थे। रावण की लंका पत्थरों से निर्मित दिखाई गई है, वास्तव में यह सोने से बनी थी। सीता का जन्म नेपाल में हुआ था, फिल्म में भारत को उनके जन्मस्थान के रूप में दर्शाया गया है।
लोग मांग करेंगे तो छत्तीसगढ़ में लगाएंगे फिल्म पर प्रतिबंध : बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि फिल्म ‘आदिपुरुष’ में भगवान राम और भगवान हनुमान की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर लोग मांग करते हैं तो कांग्रेस सरकार राज्य में इस फिल्म को प्रतिबंधित करने पर विचार कर सकती है।
बघेल ने कहा कि फिल्म के संवाद आपत्तिजनक और निम्न स्तर के हैं। अपने सरकारी आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, हमारे सभी देवी-देवताओं की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।
आदिपुरुष विवाद के बीच ओम राउत का पुराना ट्वीट वायरल
तमाम विवादों के बीच नेटिजन्स ने ओम राउत का एक पुराना ट्वीट ढूंढ निकाला है, जिसमें उनके जरिए हनुमान पर की गई टिप्पणी को लेकर लोग उनकी क्लास लगा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ओम राउत का यह ट्वीट वर्ष 2015 का है। कथित तौर पर राउत की तरफ से किए गए इस ट्वीट में लिखा हुआ है, ‘क्या भगवान हनुमान बहरे थे? मेरे भवन के आसपास के लोग ऐसा सोचते हैं। खास तौर पर हनुमान जयंती पर जब लोग तेज ध्वनि में अप्रासंगिक गाने बजाते हैं।’
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