Home Breaking News राजद्रोह कानून: विधि आयोग प्रमुख ने की वकालत, कहा- कश्मीर से केरल तक की स्थिति के कारण इसे बरकरार रखना जरूरी

राजद्रोह कानून: विधि आयोग प्रमुख ने की वकालत, कहा- कश्मीर से केरल तक की स्थिति के कारण इसे बरकरार रखना जरूरी

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राजद्रोह कानून: विधि आयोग प्रमुख ने की वकालत, कहा- कश्मीर से केरल तक की स्थिति के कारण इसे बरकरार रखना जरूरी

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Law panel chief says Situation from Kashmir to Kerala makes it must to retain sedition law

राजद्रोह कानून (सांकेतिक तस्वीर)।
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार


राजद्रोह कानून को निरस्त करने की मांग के बीच विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी (Justice Ritu Raj Awasthi) ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर से केरल और पंजाब से पूर्वोत्तर तक की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ‘भारत की एकता और अखंडता’ को अक्षुण्ण रखने के लिए इस कानून को बरकरार रखा जाना चाहिए। न्यायमूर्ति अवस्थी ने कानून बरकरार रखने की आयोग की सिफारिश का बचाव करते हुए कहा कि इसका दुरुपयोग रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।

राजद्रोह कानून पिछले साल मई में उच्चतम न्यायालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद फिलहाल निलंबित है। आयोग के अध्यक्ष ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में बताया कि गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून जैसे विशेष कानून भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में लागू होते हैं, लेकिन ये कानून राजद्रोह का अपराध कवर नहीं करते हैं, इसलिए राजद्रोह पर विशिष्ट कानून भी होना चाहिए।

न्यायमूर्ति अवस्थी ने कहा, राजद्रोह संबंधी कानून के इस्तेमाल पर विचार करते समय आयोग ने पाया कि कश्मीर से केरल और पंजाब से पूर्वोत्तर क्षेत्र तक मौजूदा स्थिति ऐसी है कि भारत की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए राजद्रोह संबंधी कानून बरकरार रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजद्रोह कानून का औपनिवेशिक विरासत होना उसे निरस्त करने का वैध आधार नहीं है और अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया एवं जर्मनी सहित विभिन्न देशों के पास इस तरह का अपना कानून है।





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