[ad_1]

टाटा टेक्नोलॉजीज
– फोटो : amarujala.com
विस्तार
बाजार नियामक सेबी ने टाटा टेक्नोलॉजीज के IPO को मंजूरी दे दी है जो लगभग दो दशकों में टाटा समूह की ओर से आने वाला पहला सार्वजनिक निर्गम (IPO) होगा। टाटा समूह की कंपनी ने मार्च में सेबी के पास आईपीओ दस्तावेज जमा कराए थे। यह निर्गम पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) है जिसके तहत बिक्री करने वाले शेयरधारक 9.57 करोड़ इकाइयों की बिक्री करेंगे, जो इसकी चुकता शेयर पूंजी का 23.60 प्रतिशत है।
जुलाई 2004 के बाद आएगा टाटा समूह की कंपनी का आईपीओ
यह आईपीओ बहुप्रतीक्षित है क्योंकि बीते 19 सालों में टाटा समूह की ओर से आने वाला यह पहला आईपीओ है। इससे पहले टाटा समूह की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का आईपीओ जुलाई 2004 में आया था। तब से, निफ्टी का यह स्टॉक शेयर दलाल स्ट्रीट पर सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर्स में से एक रहा है और अब कंपनी का मार्केट कैप लगभग 11.7 लाख करोड़ रुपये है।
टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी है टाटा टेक्नोलॉजीज
टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी, टाटा टेक्नोलॉजीज एक शुद्ध प्ले इंजीनियरिंग सेवा फर्म है जो विनिर्माण एलईडी वर्टिकल पर केंद्रित उत्पाद विकास और डिजिटल इंजीनियरिंग से जुड़े समाधान प्रदान करती है। मूल रूप से इसकी स्थापना 1994 में कोर सॉफ्टवेयर सिस्टम के रूप में की गई थी। टाटा समूह की ओर से इसका अधिग्रहण फरवरी 2001 में किया गया उसके बाद कंपनी का नाम बदलकर टाटा टेक्नोलॉजीज कर दिया गया था।
कंपनी के राजस्व का 40% हिस्सा आता है टाटा मोटर्स और जगुआर लैंड रोवर से
टाटा टेक्नोलॉजीज अपने राजस्व का अधिकांश हिस्सा ऑटोमोटिव वर्टिकल (75%) से प्राप्त करती है, जिसमें एंकर ग्राहक टाटा मोटर्स और जगुआर लैंड रोवर हैं, जो कुल मिलाकर सेवा राजस्व में 40% का योगदान देते हैं।
[ad_2]
Source link