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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (फाइल फोटो)।
– फोटो : सोशल मीडिया
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ‘‘मोदी उपनाम’’ वाली टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की याचिका गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि अहंकारी सत्ता सच को दबाने के लिए हर हथकंडे आजमा रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक “अहंकारी शासन” के खिलाफ सच्चाई और लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनके द्वारा उठाए गए सवालों को दबाने के लिए सभी हथकंडे अपना रही है।
राहुल गांधी की याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति हेमंत प्रच्छक ने कहा कि गांधी पहले से ही पूरे भारत में 10 आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी को उनकी “मोदी उपनाम” टिप्पणी के लिए दो साल की जेल की सजा देने का निचली अदालत का आदेश “उचित और कानूनी” था।
प्रियंका गांधी ने ट्विटर पोस्ट में रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता का एक अंश उद्धृत करते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला, ‘‘समर शेष है, जनगंगा को खुल कर लहराने दो, शिखरों को डूबने और मुकुटों को बह जाने दो, पथरीली ऊंची जमीन है तो उसको तोड़ेंगे, समतल पीटे बिना समर की भूमि नहीं छोड़ेंगे, समर शेष है, चलो ज्योतियों के बरसाते तीर, खंड-खंड हो गिरे विषमता की काली जंजीर।’’
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