Home Breaking News जब भर आए शक्ति कपूर की मां की आंखों में आंसू, इसलिए फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नहीं जाना चाहते थे

जब भर आए शक्ति कपूर की मां की आंखों में आंसू, इसलिए फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नहीं जाना चाहते थे

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जब भर आए शक्ति कपूर की मां की आंखों में आंसू, इसलिए फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नहीं जाना चाहते थे

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सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का देसी डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर 3’ इस रविवार परिवार स्पेशल एपिसोड में पारिवारिक रिश्तों पर रोशनी डालेगा। इस मनोरंजक एपिसोड की शूटिंग पूरी हो चुकी है जिसमें जाने-माने अभिनेता शक्ति कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे ने हिस्सा लिया। इस दौरान शक्ति कपूर ने अपनी पहली स्पोर्ट्स कार खरीदने पर मिली मां की प्रतिक्रिया के बारे में दर्शकों को बताया और साथ ही वह कहानी भी बताया जब उन्हें पहला फिल्म फेयर अवार्ड मिला।



डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर 3’ की शूटिंग के दौरान ‘तुझमें रब दिखता है’ गाने पर प्रतिभागियों शिवम वानखेड़े और कोरियोग्राफर वैभव घुगे ने एक कमाल की परफॉर्मेंस दी। शिवम वानखेड़े ने बताया कि जिस दिन उन्होंने अपना ब्रांड न्यू स्कूटर खरीदा, वह इसे अपने परिवार को दिखाने की बजाय सबसे पहले कोच वैभव घुगे के घर पर गए। शिवम और वैभव का रिश्ता देखकर भावुक हुए शक्ति कपूर ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाया।


शक्ति कपूर बताते हैं, “आज कोई किसी के लिए ऐसा नहीं करता। जो प्यार और लगन मैंने यहां देखी, जहां आपने उसे अपने हाथ से खिलाया, वो सचमुच बेमिसाल है। जब मैंने अपनी पहली स्पोर्ट्स कार खरीदी थी, तो मैंने अपनी मां को कॉल करके कहा था कि मैं उन्हें राइड पर ले जाना चाहता हूं। अपने बेटे को एक इंपोर्टेड कार चलाते देखकर उन्हें जो खुशी महसूस हुई वो अपार थी। मेरी आंखों में आंसू थे। वैभव के दिल में भी शिवम के लिए वही खुशी है।”

 


शूटिंग के दौरान अक्षय पाल और उनके कोरियोग्राफर अमर ने एक फुल-ऑन फिल्मी परफॉर्मेंस दी जिसमें शक्ति कपूर के कुछ यादगार डायलॉग और किरदारों को रीक्रिएट किया। इसके अलावा अक्षय और अमर ने जहां तेरी ये नजर है, मिलेगी मिलेगी और धोखा दिया जैसे गानों पर परफॉर्म करते हुए अपने शानदार डांस एक्ट में पॉपुलर किरदार नंदू को भी रीक्रिएट किया।

 


अपने किरदार ‘नंदू’ के लिए खूब मशहूर हुए शक्ति कपूर ने इस जोड़ी की तारीफ करते हुए कहा, “यह वाकई एक एंटरटेनिंग एक्ट था।” उन्होंने एक दिलचस्प याद ताजा करते हुए कहा, “जब मुझे ‘राजा बाबू’ का ऑफर मिला, तब मैं यह फिल्म साइन नहीं करना चाहता था, क्योंकि मैंने बहुत-से नेगेटिव रोल्स निभाए थे और नंदू का किरदार उनसे अलग था। इसमें सिर्फ एक ही कॉस्टयूम था – चड्डी, नाड़ा और बनियान। मैंने गोविंदा से कहा, ‘मैं यह फिल्म नहीं करना चाहता।’ लेकिन फिर उन्होंने मुझे यह कहकर मनाया, ‘इसे करके तुम्हें कोई पछतावा नहीं होगा।’ और फिर फिल्मफेयर अवॉर्ड समारोह हुआ, जहां बहुत-सी श्रेणियों में इस फिल्म और इसके किरदारों को नॉमिनेट किया गया, जिसमें मेरा किरदार भी शामिल था।”


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