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पीएम मोदी का यूएई दौरा: पीएम मोदी शनिवार को अपनी दो सेनाओं के साथ फ्रांस रवाना होकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत करेंगे।
मोदी की एक समुद्री यात्रा के दौरान ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इस दौरान बोलचाल की भाषा में एक ऐतिहासिक व्यापार संग्रह पर हस्ताक्षर करने के बाद प्रगति की समीक्षा करेंगे।
प्रधानमंत्री करीब 10.45 बजे – कलाकार और दोपहर 2:10 बजे बातचीत स्वागत, बातचीत होगी। इसके बाद दोपहर 3.20 बजे आबाद होंगे। शाम 4.45 पर मोदी स्वदेश के लिए रवाना हो जाएंगे।
विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, ‘भारत-यूएई की समग्र रणनीतिक साझेदारी सतत रूप से मजबूत हो रही है और प्रधानमंत्री की यात्रा ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, फिनटेक, रक्षा और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसे गहन बनाने का मार्ग है। तलाशने का अवसर प्रदान करने वाला।’
‘वैश्विक अध्ययन पर सहयोग को लेकर चर्चा’
बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच वैश्विक सहयोग पर सहयोग को लेकर चर्चा करने का मौका मिला है, जो निर्णायक पर -28 की विश्वसनीयता और जी20 की भारत की विश्वसनीयता में अहम है। होटल जी20 सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित देश है।
‘दोनों नेता नियमित रूप से संपर्क में’
भारत के राजदूत संजय एलिवेटर ने कहा, ‘इस कंपनी की खूबसूरती यह है कि हमारे नेता नियमित रूप से संपर्क में रह रहे हैं, यहां तक कि कोविड के दौरान भी वे ऑनलाइन माध्यम से एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए थे।’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संसाधनों को लेकर नई ऊर्जा साझेदारी वाले ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (सीईआईपीए) पर भी कोविड-19 महामारी के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।
इफ़ेक्ट ने कहा, ‘केवल एक वर्ष में, हमारा व्यापार 19 प्रतिशत बढ़ गया है और अब कुल व्यापार लगभग 85 अरब अमेरिकी डॉलर है। शुरुआती लक्ष्य पांच साल में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का था।’
(इनपुट – एजेंसी)
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