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WC हमारा है, चांद पर पहुंचने के बाद रोहित लहराएंगे तिरंगा, बन रहा शुभ संयोग!

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WC हमारा है, चांद पर पहुंचने के बाद रोहित लहराएंगे तिरंगा, बन रहा शुभ संयोग!

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हाइलाइट्स

रोहित शर्मा इस बार भारत को एशिया और विश्व कप जिताएंगे?
चांद पर भारत के पहुंचने के बाद बन रहा शुभ संयोग

नई दिल्ली. जो काम कोई मुल्क नहीं कर पाया, वो भारत ने कर दिखाया. ISRO के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और समर्पण के दम पर भारत का चंद्रयान-3 चांद पर पहुंचा. सबसे बड़ी बात ये रही कि चंद्रयान ने चांद के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग की. ऐसा दुनिया का कोई देश अबतक हीं कर पाया था. चंद्रयान की कामयाबी के बाद से ही ISRO चीफ एस सोमनाथ सुर्खियों में बने हुए हैं. इसरो की टीम ने तो चांद पर झंडा लहरा दिया और अब टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा की ऐसा करने की बारी है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि ISRO के चंद्रयान की सफलता और रोहित शर्मा में गहरा कनेक्शन है. इसी वजह से टीम इंडिया के एशिया कप और विश्व कप में जीत की उम्मीद की जा रही है.

टीम इंडिया को 4 दिन बाद एशिया कप में उतरना है और इसके बाद भारत का सबसे बड़ा इम्तिहान 5 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे विश्व कप में होगा. भारत ने पिछली बार 2011 में घर में ही 28 साल के इंतजार के बाद विश्व कप जीता था. ऐसे में इस बार घर में विश्व कप होने से फैंस को टीम इंडिया के चैंपियन बनने की पूरी उम्मीद है. पिछले विश्व कप में रोहित शर्मा ने रनों की बरसात कर दी थी. उन्होंने शतकों की लाइन लगाई थी. इसी वजह से कप्तान पर भी फैंस की नजरें हैं. रोहित के इस बार इतिहास रचने की इसलिए भी उम्मीद क्योंकि भारत चांद पर पहुंचा है. अब आप ये सोच रहे होंगे कि भारत के चांद पर पहुंचने से रोहित के विश्व कप और एशिया कप जीतने का क्या कनेक्शन है तो ये आपको बताते हैं.

ISRO चीफ की तरह रोहित भी तिरुपति मंदिर गए थे
बता दें कि चंद्रयान के चांद पर उतरने से पहले ISRO चीफ तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचे थे और वहां भगवान से इस अभियान को सफल बनाने की प्रार्थना की थी. भगवान तिरुपति बालाजी ने इसरो चीफ एस सोमनाथ की प्रार्थना तो सुन ली और भारत ने चांद के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से में सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया. इसरो प्रमुख की तरह ही रोहित शर्मा भी एशिया कप से ठीक पहले अपनी पत्नी और बेटी के साथ तिरुपति बालाजी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे और उन्होंने भी टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की थी.

यानी जिस तरह इसरो के चंद्रयान-3 को सफलता मिली, वैसी ही कामयाबी अब रोहित के झोली में आने वाली है. इसकी उम्मीद इसलिए भी ज्यादा है. क्योंकि 2019 के वर्ल्ड कप से पहले भी रोहित ने भगवान तिरुपति बालाजी के दर्शन किए गए थे. इसके बाद जो हुआ, वो इतिहास के पन्नों में दर्ज है.

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रोहित शर्मा 2019 के विश्व कप में तिरुपति मंदिर में माथा टेकने के बाद जब उतरे थे, तो उन्होंने शतकों की लाइन लगा दी थी. रोहित ने उस विश्व कप में सबसे अधिक रन ठोके थे. उन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 5 शतक लगाए थे. रोहित ने 9 मैच में 81 की औसत और 98 की स्ट्राइक रेट से 648 रन ठोके थे. उन्होंने 5 शतक और एक अर्धशतक जमाया था. उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे अधिक 67 चौके मारे थे. यानी भगवान का आशीर्वाद लेने के बाद उनके बल्ले से खूब रन बरसे थे. ऐसे में इस बार भी रोहित वही कमाल दोहराएंगे, ऐसा संयोग और उम्मीद दोनों हैं.

Tags: Asia cup, Chandrayaan-3, ISRO, Rohit sharma, Tirupati, World cup 2023



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