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Hacking Target: दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों में अमेरिका (US) के राष्ट्रपति (President) शुमार हैं. लेकिन ये बात आपको चौंका देगी कि अमेरिकी राष्ट्रपति ज्यादा स्मार्ट गैजेट्स (Gadgets) का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. फोन, टैबलेट और तमाम इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अमेरिकी राष्ट्रपति से दूर ही रहते हैं. जब भी अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी से बात करनी होती है तो वह अपनी सिक्योर लाइन का इस्तेमाल करते हैं. अगर आप ये सोच रहे हैं कि उनको गैजेट्स चलाने नहीं आते हैं तो ऐसा नहीं है. इसके पीछे एक खास वजह है. दरअसल ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए किया जाता है. आइए गैजेट्स से अमेरिकी राष्ट्रपति को क्या खतरा होता है, इसके बारे में जानते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं इस्तेमाल कर पाते गैजेट्स
आपको लगता होगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की तो खूब मौज होती होगी. वो जो चाहे कर सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकतर गैजेट्स से दूरी बनाकर रखनी होती है. कंज्यूमर टेक्नोलॉजी की जब भी बात आती है तो वो निराश ही होते हैं. वह अपने पसंदीदा गैजेट्स का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं.
क्या है गैजेट्स से दूरी की वजह?
जान लें कि ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि दुनिया भर के हैकर्स अमेरिकी राष्ट्रपति के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को निशाना बना सकते हैं. इसी कारण से अमेरिकी राष्ट्रपति को गैजेट्स से दूर रहना पड़ता है. अगर हैकर्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आसपास मौजूद गैजेट्स को निशाना बना लिया तो उससे वह नुकसान पहुंचा सकते हैं.
इन गैजेट्स को किया जा सकता है हैक
हार्वर्ड केनेडी स्कूल में लेक्चरर ब्रूस श्नायर के अनुसार, तमाम इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स काफी स्मार्ट हो चुके हैं. फोन, रेफ्रिजरेटर, खिलौनों, थर्मोस्टेट, टैबलेट, लैपटॉप और कंप्यूटर जैसे तमाम उपकरणों को हैक किया जा सकता है. हैकिंग के प्रति इनकी संवेदनशीलता सुरक्षा के लिए खतरा है. इसी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति को इनसे दूर रखा जाता है.
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