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Goldy Brar Big Disclosure: सात समंदर पार से भारत में दहशत फैलाने वाला आतंकी गोल्डी बरार (Goldy Brar) अपनी जान बचाने के लिए भागा-भागा फिर रहा है. इसका खुलासा भारतीय खुफिया एजेंसियों के नए डोजियर से हुआ है. बता दें कि गोल्डी बरार 15 अगस्त, 2017 को भारत से कनाडा (Canada) पहुंचा था और बाद में अमेरिका भागने में कामयाब रहा. तब से वो कैलिफोर्निया में रह रहा है. लेकिन अब वो भारतीय अधिकारियों से बचने के लिए नया ठिकाना ढूंढ रहा है जो कैलिफोर्निया के फ्रेस्नो शहर में हो सकता है. एजेंसियों से बचने कि लिए बरार एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन ऐप का इस्तेमाल करता रहा है.
कौन है गोल्डी बरार?
आपको बता दें कि ये वही गोल्डी बरार है जिसने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली थी. इसके अलावा बड़ी-बड़ी हस्तियों को धमकाने का भी आरोप है. नए डोजियर में भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर सुखदूल सिंह सुक्खा का भी जिक्र है. जिसकी हत्या अभी कुछ दिन पहले कनाडा में हुई थी. डोजियर में सुक्खा गैंग के 17 गुर्गों का नाम है जो हरियाणा और पंजाब के रहने वाले हैं. सभी के खिलाफ दोनों राज्यों में कई मामले दर्ज हैं.
खालिस्तानी आतंकियों की खैर नहीं
गौरतलब है कि भारत के खिलाफ विदेश से साजिश कर रहे खालिस्तानी आतंकियों की खैर नहीं है. खालिस्तानी और गैंगस्टर के गठजोड़ पर NIA ने प्रहार करते हुए एकसाथ 51 ठिकानों पर छापे मारे हैं. यही नहीं NIA की चार्जशीट में खालिस्तानियों का नापाक गठजोड़ बेनकाब हो गया है और खालिस्तानियों को आतंकी निज्जर जैसे अंजाम का डर सता रहा है.
NIA ने लिया कड़ा एक्शन
खालिस्तानियों के खात्मे का अंतिम चक्र शुरू हो चुका है. खालिस्तानियों और उनके नापाक मंसूबों के मददगारों पर NIA ने धावा बोला है. खालिस्तान और आतंकियों के बड़े गठजोड़ पर सर्जिकल स्ट्राइक शुरू हो चुकी है. NIA ने बुधवार को देशभर में 53 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. पंजाब में 30, राजस्थान में 13, हरियाणा में 4, उत्तराखंड में 2, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 1-1 जगह पर NIA ने छापा मारा, इसके अलावा चंडीगढ़ में भी NIA का एक्शन हुआ है.
अंडरवर्ल्ड और ISI का खतरनाक गठजोड़
कुल मिलाकर NIA चार्जशीट से ये साफ है कि 90 के दशक में जैसे मुंबई अंडरवर्ल्ड और ISI के बीच खतरनाक गठजोड़ था और वो मिलकर देश में आतंक फैलाते थे. ठीक आज भी गैंगस्टर और खालिस्तानी मिलकर नेक्सस चलाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अलग-अलग गैंग मिलकर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और चंडीगढ़ में दहशत की साजिश को अंजाम दे सकते हैं. देश के अंदर और बाहर खालिस्तानी आतंकियों और उनके समर्थकों पर जारी एक्शन से कनाडा से लेकर पाकिस्तान तक खालिस्तानी साजिशकर्ता सहमे हुए हैं.
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