Home Breaking News वाशिंगटन में जयशंकर: ‘यह चंद्रयान-3-कोविन और 5जी वाला भारत, जी20 की सफलता, भारत-अमेरिकी साझेदारी की कामयाबी’

वाशिंगटन में जयशंकर: ‘यह चंद्रयान-3-कोविन और 5जी वाला भारत, जी20 की सफलता, भारत-अमेरिकी साझेदारी की कामयाबी’

0
वाशिंगटन में जयशंकर: ‘यह चंद्रयान-3-कोविन और 5जी वाला भारत, जी20 की सफलता, भारत-अमेरिकी साझेदारी की कामयाबी’

[ad_1]

Jaishankar enumerated achievements of ‘New Bharat’ says This new India is India of Chandrayaan-3, CoWin and 5G

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
– फोटो : Twitter/ Senator Penny Wong

विस्तार


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत व अमेरिका के रिश्तों में गर्मजोशी की बात करते हुए कहा कि मैं जिसकी बात कर रहा हूं, वह वास्तव में एक अलग भारत है। यह वह भारत है, जो चंद्रयान-3 मिशन को पूरा करने में सक्षम है।

यह वह भारत है, जो सबसे शानदार जी-20 सम्मेलन आयोजित करने में सक्षम रहा। इसने उन लोगों को गलत साबित किया, जिन्होंने कहा था कि हम 20 देशों को एक साथ नहीं ला पाएंगे। यह कोविन वाला भारत है, जिसने कोविड-19 महामारी के दौरान दिखाया कि वह न सिर्फ अपने लोगों की देखभाल कर सकता है, बल्कि दूसरे सैकड़ों देशों की मदद भी कर सकता है। भारत में सबसे तेजी से 5जी सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। आज अगर भारत के कदमों में ऊर्जा है, आवाज में आत्मविश्वास है, तो इसके कई कारण हैं। यह 10 साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है। ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां हमारी क्षमताएं दोगुनी या तिगुनी हो चुकी हैं।

सेलिब्रेटिंग कलर्स ऑफ फ्रेंडशिप कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा, जी-20 की सफलता अमेरिकी सहयोग के बिना संभव नहीं थी। जब चीजें अच्छी होती हैं, तो हमेशा मेजबान को श्रेय मिलता है। यह उचित भी है, लेकिन इस समूह के सभी सदस्य देश आयोजन की सफलता के लिए काम नहीं करते, तो ऐसा संभव नहीं था।  

अमेरिका के लिए ‘आई’ अक्षर बहुत अच्छा

उन्होंने कहा, लोग 1985 के राजीव गांधी, 2005 के मनमोहन सिंह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई अमेरिकी दौरे को याद करते हैं। लेकिन, मैं यह कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी का हालिया दौरा अलग था। आप मुझसे पूछेंगे कि क्या बदलाव आए हैं, मैं कहूंगा कि भारत व अमेरिका पहले एक-दूसरे के साथ सौदा करते थे और अब साथ काम करते हैं।

उन्होंने दोनों देशों के बीच हाल के सहयोगात्मक प्रयासों को याद किया, जो ‘आई’ अक्षर से शुरू होते हैं। इनमें भारत-मध्य पूर्व आर्थिक गलियारा (आईएमईईसी), भारत, इस्राइल, अमेरिका व संयुक्त अरब अमीरात (आई2यू2), इंडो-पैसिफिक सहयोग (आईपीसी) और महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर पहल (आईसीईटी) शामिल हैं। जयशंकर ने कहा, ‘आई’ अक्षर निश्चित रूप से अमेरिका के लिए बहुत अच्छा है।

पीएम मोदी से बेहतर आश्वस्त करने वाला कोई नहीं हो सकता

विदेश मंत्री ने चंद्रयान-3 की चांद पर लैंडिंग का वाकया साझा किया। जयशंकर ने कहा, जब चंद्रयान-3 की चांद पर लैंडिंग होने वाली थी, तब पीएम मोदी व मैं दक्षिण अफ्रीका में थे। हमने देखा कि वह किस प्रकार इसरो के संपर्क में थे। ऐसा इसलिए, क्योंकि तनाव भरे माहौल में आप चाहते हैं कि कोई ऐसा व्यक्ति साथ रहे, जो आश्वस्त कर सके। यकीन करें, पीएम मोदी से बेहतर कोई आश्वस्त नहीं कर सकता।

अमेरिका-भारत संबंध मूल्यों पर आधारित : रिचर्ड वर्मा

बाइडन प्रशासन के उप विदेश मंत्री रिचर्ड वर्मा ने कहा कि अमेरिका-भारत संबंध साझा विचारों व मूल्यों पर आधारित हैं। इनमें सबसे ऊपर लोकतंत्र व सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा, महात्मा गांधी ने 1942 में तत्कालीन राष्ट्रपति रूजवेल्ट को पत्र लिखा था कि उन्हें थोरो और इमर्सन के लेखन से बहुत लाभ हुआ है। कुछ साल बाद डॉ मार्टिन लूथर किंग ने लिखा, यह गांधी और उनका प्रेम था।

अहिंसा से सामाजिक सुधार का तरीका खोजा

अहिंसा से मैंने सामाजिक सुधार का तरीका खोजा तथा गांधी का दर्शन ही एकमात्र नैतिक व व्यावहारिक रूप से सही तरीका था, जो प्रताड़ित लोगों के लिए स्वतंत्रता के संघर्ष में खुला था। भारतीय संस्कृति की विविधता व जीवंतता तथा भारत-अमेरिका संबंधों का जश्न मनाने के लिए भारतीय दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में वर्मा ने कहा, अमेरिका व भारत के मूल्य सभी लोगों के लिए निष्पक्षता और न्याय की पक्षधर हैं।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here