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सियासी दुनिया में दक्षिण का दुर्ग कहे जाने वाले कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कांग्रेस के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। अब दोनों प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियां इस साल के अंत में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ-साथ लोक सभा चुनाव 2023 की तैयारियों में जुटी हैं। राजनीतिक रणनीति बनाने पर मंथन के अलावा तमाम दल वोट बैंक और जातियों को साधने की कवायद भी कर रहे हैं।
पांच साल पहले बनी रिपोर्ट
उत्तर भारत के बाद अब दक्षिण में भी जाति आधारित जनगणना के आंकड़ों पर बात शुरू हो गई है। कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से मांग की है कि जातिगत जनगणना के आंकड़े और लगभग पांच साल पहले तैयार हुई रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
सिद्धारमैया के पिछले कार्यकाल में तैयार हुई रिपोर्ट
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को जातिगत जनगणना की रिपोर्ट जारी करनी चाहिए। पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री मोइली ने कहा कि सिद्धारमैया के पिछले कार्यकाल (2013-18) के दौरान जातिगत जनगणना कराई गई थी।
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