Home Breaking News जन्मदिन पर इलाहाबाद के ‘मुन्ना’ का संदेश, जो चंदन घिस जाता है, वही भगवान के मस्तक पर लगता है

जन्मदिन पर इलाहाबाद के ‘मुन्ना’ का संदेश, जो चंदन घिस जाता है, वही भगवान के मस्तक पर लगता है

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जन्मदिन पर इलाहाबाद के ‘मुन्ना’ का संदेश, जो चंदन घिस जाता है, वही भगवान के मस्तक पर लगता है

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हिंदी सिनेमा में कभी ‘शहंशाह’, कभी ‘महान’ तो कभी महानायक कहलाए अभिनेता अमिताभ बच्चन बुधवार को 81 साल के हो रहे हैं। अपने बाबूजी के लिए और अपने जन्म स्थान इलाहाबाद (प्रयागराज) के लिए वह हमेशा मुन्ना ही रहे। निजी मुलाकातों में भी अमिताभ बच्चन अक्सर अपनी बाल सुलभ मुलाकातों से मिलने आने वालों का दिल जीत लेते हैं।

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अमिताभ को जो करीब से जानते हैं, वह उनके गुणों का बखान करते हैं, और जिनसे अमिताभ ने अपनी ही तरह से कड़ाई की, वे उनके बारे में निंदा गान भी करते रहते हैं। अमिताभ बच्चन के अनंत जानने वाले हैं और उनकी अनंत कथाएं हैं। लेकिन, ये बात भी तय है कि जो उनके बंगले जलसा के भीतर पहुंचने का आमंत्रण पा गया, उसे फिर वह अपने हाथ ही चाय बनाकर पिलाते हैं।


अमिताभ बच्चन के बारे में एक बात और बहुत कम लोगों को पता है और वह ये कि उन्हें नींद बहुत कम आती है। और, अगर आप उनके सोशल मीडिया पेज एक्स पर बीते कुछ दिनों की हलचल पर नजर डालें तो वह इसके प्रति अपने चाहने वालों को जागरूक भी करते दिख जाएंगे। 6 अक्तूबर को इसकी शुरुआत अमिताभ बच्चन ने एक ट्वीट से की और अपने करीब 4.86 करोड़ अनुयायियों से पूछा, ‘आप ठीक से सोए?’ साथ में गद्दा बनाने वाली एक बड़ी कंपनी की सामाजिक प्रतिबद्धता का वीडियो भी उन्होंने साझा किया जो ये सबसे जरूरी बात लोगों को समझाता है कि तंदुरुस्त जीवन के लिए चुस्त दिमाग जरूरी है और इसके लिए ठीक से सोना बहुत जरूरी है।


अगले दिन अमिताभ ने फिर यही बात अंग्रेजी में पूछी और इसके अगले दिन यानी 8 अक्तूबर को अमिताभ ब्रह्म मुहूर्त तक भी खुद के जागे होने की सूचना सुबह 3.58 बजे देते हुए लिखते हैं, ‘अब तो 8 अक्टूबर हो गया और मैं अब भी ये तय नहीं कर पा रहा हूं कि आराम करूं या न करूं।’ अमिताभ बच्चन को नींद न आने की समस्या काफी अरसे से है। अपनी बात उन्होंने पूरी की 9 अक्तूबर को लिखी इस उक्ति से, ‘परेशानियों से हताश मत होइए। जो चंदन घिस जाता है, वह भगवान के मस्तक पर लगाया जाता है और जो नही घिसता, वह सिर्फ जलाने के काम आता है।’


अमिताभ बच्चन अब भी हर रविवार को अपने बंगले जलसे के गेट पर आकर अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार करते हैं। और, जरूरतमंदों की मदद बिना किसी तरह के प्रचार के अक्सर करते रहते हैं। अपनी फिल्म निर्माण कंपनी सरस्वती एंटरटेनमेंट अब वह अपने बेटे अभिषेक बच्चन के नाम कर चुके हैं और फिल्में भी सिर्फ वही करते हैं जिनमें उनकी सेहत उनका साथ दे और वह अपने हिसाब से इन फिल्मों की शूटिंग कर सकें।

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