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Israel-Hamas War: 23 लाख लोगों की घनी आबादी वाले गाजा पट्टी में नागरिक तब से डर में जी रहे हैं, जब से पांच दिन पहले हमास के रॉकेट हमले के जवाब में इजराइल ने हवाई हमले किए थे. गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह तक 1,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, उन्होंने यह नहीं बताया कि उनमें से कितने नागरिक थे. बड़ी संख्या में आबादी पलायन कर रही है, लेकिन उसके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है, इजराइल और मिस्र दोनों ने अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं.
इजरायली हवाई हमलों के बारे में गाजा पट्टी की निवासी आयशा अबू दक्का कहती हैं, ‘आप दूर से आवाज सुनेंगे, और फिर आपको घर हिलता हुआ महसूस होगा. फिलहाल, हम बस इंतजार कर सकते हैं और प्रार्थना कर सकते हैं.’
गाजा निवासी 38 वर्षीय माज़ेन मोहम्मद ने कहा कि उनके भयभीत परिवार ने रात एक साथ छिपकर बिताई क्योंकि सुबह होने से पहले विस्फोटों से इलाका हिल गया था.’ उन्होंने एएफपी को बताया, ‘हमें ऐसा लग रहा था जैसे हम किसी भुतहा शहर में हैं, जैसे कि हम ही जीवित बचे हों.’
लंबे समय से अवरुद्ध फ़िलिस्तीनी एन्क्लेव में बिगड़ते मानवीय संकट पर चिंता बढ़ रही है. इज़राइल ने अब पानी, भोजन और ऊर्जा आपूर्ति में कटौती करते हुए इसकी पूर्ण घेराबंदी कर दी है.
गाजा एकमात्र पावर प्लांट बंद
गाजा के इलेक्ट्रिसिटी प्रोवाइडर ने कहा कि एन्क्लेव का एकमात्र पावर प्लांट कल ईंधन खत्म होने के बाद बंद हो गया. सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में निवासियों को अपने फोन चार्ज करने के लिए कार की बैटरी का उपयोग करते हुए दिखाया गया.
खाने और दवाइयों की कमी
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा का अल-शिफा अस्पताल बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों से भरा हुा है और ऑक्सीजन सहित चिकित्सा आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है .
डिब्बाबंद भोजन तेजी से दुकानों से गायब हो रहा है क्योंकि लोग आपूर्ति का स्टॉक करने के लिए दौड़ रहे हैं. क्षेत्र का एकमात्र बूचड़खाना बंद है. सीमा के पास उगाई जाने वाली सब्जियों की आपूर्ति कम है.
2007 में हमास के खिलाफ अपनी कार्रवाई में, इज़राइल ने गाजा निवासियों के जीवन पर व्यापक प्रतिबंध लगा दिए, जिससे भागने के हर अवसर और मार्ग को लगभग अवरुद्ध कर दिया.
इजराइल ने की पूर्ण घेराबंदी की घोषणा
इज़राइल ने अब गाजा की पूरी घेराबंदी की घोषणा कर दी है, बिजली, भोजन और पानी की आपूर्ति को प्रभावी ढंग से अवरुद्ध कर दिया है, कोई केवल कल्पना कर सकता है कि युद्धरत शक्तियों की गोलीबारी में फंसी गजा पट्टी के निवासियों के पर क्या बीत रही होगी.
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