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सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : Social media
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महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में मलिक की अंतरिम जमानत गुरुवार को तीन महीने के लिए बढ़ा दी है।
मलिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 13 जुलाई के उस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था, जिसमें उन्हें चिकित्सा के आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट का कहना था कि उन्हें विशेष चिकित्सा सहायता मिल रही है और उनके स्वास्थ्य अधिकार या जीवन अधिकार का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं किया रहा है।
शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि मलिक गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं और 11 अगस्त को दो महीने की अंतरिम जमानत मिलने के बाद से उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। वहीं, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाए जाने का विरोध नहीं किया।
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