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बचपन में मां बाप की डांट फटकार और पिटाई भले ही बच्चों को बुरी लगती हो, लेकिन यही डांट फटकार उन्हें आगे चलकर एक काबिल इंसान बनाती है। इसी तरह से शिक्षक की भूमिका हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्कूल में शिक्षक से पिटाई भले ही उस समय बच्चों को थोड़ा अनुचित लगे, लेकिन आगे चलकर यही उनको एक मजबूत इंसान बनाती है। फिल्म ‘फर्रे’ के ट्रेलर लांच के दौरान सलमान खान ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि स्कूल में उनकी बेत से खूब पिटाई होती थी।
दरअसल, फिल्म ‘फर्रे’ स्कूल में परीक्षा के दौरान होने वाले चीटिंग पर आधरित पर आधरित है। किस तरह से स्कूल के बच्चे चिट का सहारा लेकर नकल करते हैं, इस फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म से सलमान खान की भांजी अलीजेह हिंदी सिनेमा में डेब्यू कर रही हैं। ट्रेलर लांच के दौरान फिल्म के कलाकारों से उनके स्कूल के दिनों के अनुभव के बारे में पूछा गया। सबने अपने अपने अनुभव शेयर किए। प्रसन्ना बिष्ट ने कहा कि उन्होंने स्कूल में चीटिंग केस के मामले में मदद की थी। जेन शॉ ने कहा कि वह तो एक बार फेल हो गए थे।
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