Home Breaking News विदेश मंत्रालय के बयान: मालदीव से PM मोदी को निमंत्रण; करतारपुर कॉरिडोर का पासपोर्ट शुल्क घटाने के प्रयास जारी

विदेश मंत्रालय के बयान: मालदीव से PM मोदी को निमंत्रण; करतारपुर कॉरिडोर का पासपोर्ट शुल्क घटाने के प्रयास जारी

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विदेश मंत्रालय के बयान: मालदीव से PM मोदी को निमंत्रण; करतारपुर कॉरिडोर का पासपोर्ट शुल्क घटाने के प्रयास जारी

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विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान, इस्राइल, मालदीव और कनाडा से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दिए। सरकार ने भारत और अमेरिका के बीच टू-प्लस-टू वार्ता के संबंध में भी जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार, मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के शपथ समारोह के लिए भारत के प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, प्रधानमंत्री को मालदीव में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण मिला है, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि कौन भारत का आधिकारिक प्रतिनिधि होगा।

भारत-अमेरिका टू प्लस टू वार्ता, कनाडा के मुद्दे पर भी चर्चा

प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस्राइल हमास युद्ध और करतारपुर कॉरिडोर से जुड़े सवालों पर भी जवाब दिए। प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार, मालदीव में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा और किस हैसियत से करेगा, इस पर फैसला होने के बाद मीडिया को सूचित किया जाएगा। क्या इस्राइल और कनाडा के मुद्दों पर अमेरिका के साथ चर्चा की जाएगी? इस सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, शुक्रवार को 2+2 वार्ता होगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री अभी-अभी आए हैं। कुछ दिनों बाद विदेश मंत्री ब्लिंकन के आने की भी उम्मीद है। 

कनाडा पर चर्चा करने में भी खुशी

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों की प्रकृति और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को ध्यान में रखते हुए, सामयिक मुद्दों, क्षेत्रीय विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। बागची के अनुसार, अगर अमेरिका कनाडा पर चर्चा करना चाहता है तो हमें सभी मुद्दों पर चर्चा करने में खुशी होगी।

भारत के लोगों को मौत की सजा पर बयान

कतर में 8 भारतीयों को मौत की सजा पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 26 अक्तूबर को 8 भारतीय कर्मचारियों से जुड़े मामले में अदालत ने गोपनीय फैसला सुनाया। इस मामले में कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। 8 पूर्व नौसेनिकों को जासूसी के मामले में सुनाई गई मौत की सजा मामले में प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, कतर की प्रथम दृष्टया अदालत से पारित 26 अक्टूबर का फैसला गोपनीय है। फैसला केवल कानूनी टीम के साथ साझा किया गया है। वे अब आगे के कानूनी कदम उठा रहे हैं। 

मामला संवेदनशील अटकलें लगाने से बचें

उन्होंने कहा, एक अपील पहले ही दायर की जा चुकी है। हम इस मामले में कतर के अधिकारियों के साथ भी जुड़े रहेंगे। बीते 7 नवंबर को दोहा में भारतीय दूतावास को बंदियों से संपर्क करने के लिए एक कांसुलर एक्सेस मुहैया कराई गई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार पूर्व नौसैनिकों के परिवार के सदस्यों के संपर्क में हैं। प्रवक्ता बागची ने आश्वस्त किया कि हम सभी कानूनी और दूतावासीय समर्थन देना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, मैं सभी से आग्रह करूंगा कि मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए अटकलों में शामिल न हों।

क्या है कतर का मामला?

गौरतलब है कि इसी साल 25 मार्च को आठ भारतीय नौसेना के दिग्गजों के खिलाफ आरोप दायर किए गए और उन पर कतरी कानून के तहत मुकदमा चलाया गया। पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कहा था कि सभी पूर्व नौसेना अधिकारियों का भारतीय नौसेना में 20 साल तक का “बेदाग कार्यकाल” था। उन्होंने भारतीय नौसेना में प्रशिक्षकों सहित महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था।

सीमा पार से फायरिंग का मुद्दा, पाकिस्तान को चेतावनी, द्विपक्षीय समझौते का जिक्र

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार से गोलीबारी के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, सीजफायर उल्लंघन और ड्रोन या फायरिंग के जरिए सीमा पार से घुसपैठ की घटनाएं, हमारे द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, हम हमेशा पाकिस्तान के सामने इस मुद्दे को उठाते हैं। बीएसएफ ने पाकिस्तानी पक्ष के साथ फ्लैग मीटिंग में हाल की घटनाओं का मुद्दा उठाया। हमने विभिन्न द्विपक्षीय चैनलों के माध्यम से भी इस मुद्दे को उनके सामने रखा है।

इस्राइल में भारत के श्रमिकों को रिप्लेस करने की खबर

इस्राइल में भारतीय श्रमिकों को रिप्लेस करने की रिपोर्टों पर, विदेश मंत्रालय ने कहा, हम अपने नागरिकों को वैश्विक कार्यस्थल तक पहुंच प्रदान करने की दिशा में काम कर रहे हैं… हम कई लोगों के साथ गतिशीलता समझौते करने की कोशिश करने के लिए चर्चा कर रहे हैं। इस्राइल में, पहले से ही कई कर्मचारी कार्यरत हैं, विशेष रूप से देखभाल करने वाले क्षेत्र में… हम निर्माण और देखभाल करने वाले क्षेत्रों में एक द्विपक्षीय ढांचे पर चर्चा कर रहे हैं। लेकिन यह एक दीर्घकालिक पहल है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक मीडिया रिपोर्ट्स में आ रहीं, उन विशिष्ट अनुरोधों या संख्याओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

करतारपुर कॉरिडोर

करतारपुर कॉरिडोर के लिए पासपोर्ट शुल्क कम करने के पाकिस्तान के अनुरोध पर, विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह विषय हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमने पासपोर्ट पर 20 अमेरिकी डॉलर शुल्क को कम करने या हटाने का प्रस्ताव दिया है। बागची ने कहा, हम इसे दोहराते रहते हैं लेकिन सामने वाले पक्ष से इस पर कोई अपडेट नहीं मिला। बता दें कि कतर की अदालत ने आठ भारतीयों को मौत की सजा अक्तूबर के अंतिम हफ्ते में सुनाई थी।



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