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गिलाद एर्दान
– फोटो : Social Media
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के स्थायी प्रतिनिधि गिलाद एर्दान ने सात अक्टूबर को हुए हमास आतंकी हमलों और निहत्थे नागरिकों के हत्या की निंदा करने में विफल रहने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आलोचना की। सात अक्टूबर के आतंकवादी हमलों और गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ चल रहे जमीनी हमले के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक को संबोधित करते हुए इस्राइली राजदूत ने 1938 के क्रिस्टलनाच होलोकॉस्ट का जिक्र किया, जिसमें जर्मनी और ऑस्ट्रिया के यहूदी समुदायों पर यहूदी विरोधी हिंसा की गई थी।
यूएनएससी की बैठक में एर्दान ने कहा, “पवित्र यहूदी सब्त का दिन शांति और आराम का दिन है। यह वह दिन है जिस दिन परमेश्वर ने दुनिया की रचना के बाद विश्राम किया था, फिर भी कोई भी यहूदी 7 अक्टूबर के सब्त के दिन को कभी नहीं भूलेगा। यह हमेशा के लिए यहूदी लोगों के सामूहिक आघात के दिन के रूप में बदल गया है। ठीक 85 साल पहले, आज ही के दिन यहूदी लोगों ने एक और दर्दनाक अत्याचार झेला था। 9 से 10 नवंबर 1938 के बीच, जर्मनी और ऑस्ट्रिया के यहूदी समुदायों को क्रिस्टालनाच, नाजियों के नवंबर नरसंहार का सामना करना पड़ा था, जो नाजियों के हत्यारे यहूदी घृणा का पहला अति हिंसक प्रदर्शन था।”
उन्होंने कहा, “लगभग 100 यहूदियों की हत्या कर दी गई, हजारों यहूदी घरों, अस्पतालों, स्कूलों, पूजा घरों और व्यवसायों को तोड़ दिया गया और खेतों में आग लगा दी गई थी। इस्राइल ने पांच सप्ताह पहले इस तरह के एक और नरसंहार का सामना किया है। 34 दिन बीते गए हैं लेकिन इस परिषद ने अब भी हमास की ओर से की गई इस्राइल के नागरिकों के जघन्य योजनाबद्ध नरसंहार की निंदा नहीं की है। अगर यह परिषद अपने मौजूदा स्वरूप में 1938 में अस्तित्व में होती तो मुझे संदेह है कि प्रतिक्रिया बहुत अलग होती। इस्राइली राजदूत ने यूएनएससी से आग्रह किया कि वह उन्हें 7 अक्टूबर को हमास द्वारा नागरिकों की हत्या के फुटेज की स्क्रीनिंग साझा करने के लिए आमंत्रित करे। उन्होंने कहा कि फुटेज को आतंकवादियों ने खुद कैद किए थे, एक बार जब आप अपनी आंखों से इस बर्बरता को देखेंगे तो उस बुराई को समझ जाएंगे जिसके खिलाफ इस्राइल अपना बचाव कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हमास ने पिछले 16 वर्षों में गाजा के एक-एक इंच को आतंक के जाल में बदल दिया है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, एर्दान ने हमास के सह-संस्थापक के बेटे मोसब हसन यूसुफ को यूएनएससी की बैठक में आमंत्रित किया था। फॉक्स न्यूज ने बताया कि यूसुफ शुक्रवार शाम को हुई बैठक में इस्राइली राजदूत के पीछे बैठे थे।
एर्दान ने कहा कि इस्राइल ने सभी नागरिकों से अस्थायी रूप से उत्तरी गाजा को खाली करने और दक्षिण की ओर जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हमास नागरिकों को सक्रिय युद्ध क्षेत्र छोड़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस्राइल चल रहे जमीनी अभियानों में नागरिक हताहतों को कम से कम रखने की कोशिश कर रहा है।
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