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Maldives: राष्ट्रपति मुइज्जू और किरेन रिजिजू की मुलाकात, मालदीव से वापस लौटेंगे भारत के 70 सैनिक

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Maldives: राष्ट्रपति मुइज्जू और किरेन रिजिजू की मुलाकात, मालदीव से वापस लौटेंगे भारत के 70 सैनिक

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Maldives Indian Military Personnel Return President Mohamed Muizzu met Kiren Rijiju

मालदीव के नए राष्ट्रपति मुइज्जू और भारत के केंद्रीय मंत्री रिजिजू की मुलाकात
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


मालदीव अपने देश से दूसरे देशों की सेनाओं को वापस भेज रहा है। इसी कड़ी में भारत के सैनिक भी स्वदेश लौटेंगे। मालदीव ने शनिवार को इस आशय की घोषणा की। शपथ ग्रहण के एक दिन बाद, मालदीव के राष्ट्रपति ने आधिकारिक घोषणा में कहा कि रडार और निगरानी विमान तैनात करने के लिए तैनात भारत के सैनिकों को वापस भेजा जाएगा। 

मालदीव में भारत के सिर्फ 70 सैनिक

रिपोर्ट के मुताबिक मालदीव के राष्ट्रपति ने मुइज्जू ने औपचारिक रूप से यह अनुरोध तब किया जब उन्होंने दिन में राष्ट्रपति कार्यालय में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की। बता दें कि रिजिजू भारत सरकार में पृथ्वी विज्ञान मंत्री हैं। भारत के आधिकारिक प्रतिनिधि के तौर पर रिजिजू मुइज्जू के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने मालदीव गए हैं। खबरों के अनुसार, मालदीव में भारत के लगभग 70 सैनिक हैं। अपनी विदेश नीति के तहत नए राष्ट्रपति सभी सैनिकों को वापस भेजेंगे।

शपथ के तत्काल बाद सैनिकों को लौटाने का संकल्प

बता दें कि द्वीपसमूह वाले देश मालदीव से विदेशी सैनिकों की वापसी नए राष्ट्रपति के प्रमुख वादों में से एक रही है। चुनाव के समय भी उन्होंने कहा था कि जीतने के बाद उनका प्रमुख एजेंडा दूसरे देशों के सैनिकों को मालदीव से वापस लौटाना है। उन्होंने शुक्रवार को शपथ लेने के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले भाषण में भी सैनिकों को लौटाने का संकल्प दोहराया था।

मालदीव की सुरक्षा पर क्या बोले नए राष्ट्रपति

एक दिन पहले भारत का नाम लिए बिना राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा था, “मालदीव में कोई भी विदेशी सैन्यकर्मी नहीं रहेगा।” ताजा घटनाक्रम में समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा, “जब हमारी सुरक्षा की बात आती है, तो मैं एक लाल रेखा खींचूंगा। मालदीव अन्य देशों की लाल रेखाओं का भी सम्मान करेगा।”

विदेश नीति पर राष्ट्रपति का अहम बयान

गौरतलब है कि मुइज्जू को चीन समर्थक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में एएफपी को बताया था कि उनका इरादा भारतीय सेना की जगह चीनी सैनिकों को तैनात करके क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ना नहीं। उन्होंने कहा था, “मालदीव भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में उलझने के लिए बहुत छोटा है। मुझे मालदीव की विदेश नीति को इसमें शामिल करने में कोई दिलचस्पी नहीं है,” उन्होंने कहा था।

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