Home Breaking News Rajasthan Election 2023: 80 सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला, शिव सीट सबसे अधिक दिलचस्प, यहां पंचकोणीय लड़ाई

Rajasthan Election 2023: 80 सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला, शिव सीट सबसे अधिक दिलचस्प, यहां पंचकोणीय लड़ाई

0
Rajasthan Election 2023: 80 सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला, शिव सीट सबसे अधिक दिलचस्प, यहां पंचकोणीय लड़ाई

[ad_1]

Rajasthan Election 2023 Multi cornered contest on 80 seats Shiv seat most interesting

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में 200 विधानसभा सीटों में से 120 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस में सीधी टक्कर दिख रही है। वहीं, 80 सीटें ऐसी हैं, जहां बागियों और अन्य दलों के प्रत्याशियों के कारण बहुकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है। वहीं, राजस्थान का सबसे रोचक पंचकोणीय मुकाबला बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट पर होता दिख रहा है।

बता दें कि 68 सीटों पर त्रिकोणीय, 11 सीटों पर चतुष्कोणीय और एक सीट पर पंचकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है। इन सीटों पर चुनाव किसी भी दिशा में जा सकता है। क्योंकि कहीं पार्टियों के दमदार बागी हैं तो कहीं बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोक पार्टी और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों ने मुकाबले को बहुकोणीय बनाया है।

शिव विधानसभा सीट सबसे हॉट

राजस्थान के इस चुनाव का सबसे रोचक और फंसा हुआ मुकाबला बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट पर होता दिख रहा है। इस सीट की खास बात यह है कि यहां बीजेपी और कांग्रेस दोनों के ही प्रत्याशियों के लिए बागियों की चुनौती है। बीजेपी प्रत्याशी के लिए तो दो बागी राह मुश्किल किए हुए हैं। इस सीट पर मौजूदा विधायक कांग्रेस के अमीन खान हैं और पार्टी ने 84 साल के अमीन खान को एक बार फिर टिकट दिया है।

बता दें कि अमीन खान इस सीट से लगातार दसवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। यही कारण था कि जब उन्हें टिकट मिला तो उनका कड़ा विरोध सामने आया और पार्टी के जिलाध्यक्ष फतेह खान जो स्वयं एक दावेदार थे, उन्होंने पद से इस्तीफा तक दे दिया और अब अमीन खान की राह में बागी के रूप में मैदान में हैं।

उधर, बीजेपी की बात करें तो यहां से पार्टी के प्रत्याशी स्वरूप सिंह खारा हैं और उनका नाम अचानक ही सामने आया था। उनके सामने दो बागियों की चुनौती दिख रही है। पहले हैं रवीन्द्र सिंह भाटी, जो जोधपुर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं और पश्चिमी राजस्थान में एक बडा युवा चेहरा माने जाते हैं। इन्हें करीब दस दिन पहले ही पार्टी में लाया गया था और प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह, अध्यक्ष सीपी जोशी और नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी।

ऐसे में उनका यहां से बीजेपी प्रत्याशी बनाया जाना तय माना जा रहा था। लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया और अब वे दस दिन में ही पार्टी के बागी हो गए हैं। उनके अलावा बीजेपी के ही बागी जालम सिंह रावलोद भी मैदान में हैं। वे पार्टी के विधायक रह चुके हैं, लेकिन टिकट नहीं मिला और अब बागी हो गए हैं। ऐसे में इस सीट पर इस बार पांच बड़े चेहरे मैदान में नजर आ रहे हैं।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here