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MHA: CAPF
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय, अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों का मेडिकल अलाउंस, एक हजार रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये किया जा सकता है। इसके लिए कल्याण और पुनर्वास बोर्ड ‘वॉर्ब’ एमएचए ने विभिन्न बलों से उनके पास मौजूद रिटायर्ड कर्मियों का ब्यौरा मांगा था। सभी केंद्रीय बलों ने अपने रिटायर्ड कर्मियों का डाटा गृह मंत्रालय को भेज दिया है। पिछले दिनों इन बलों के रिटायर्ड कर्मियों को ‘सीजीएचएस’ कार्ड लेने के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी सामने आई थी। अब इन बलों के रिटायर्ड कर्मियों के पास दोनों विकल्प रहेंगे। अगर वे सीजीएचएस कार्ड लेते हैं, तो उन्हें एकमुश्त तीस हजार रुपये की कटौती करानी होगी।
सीजीएचएस से क्यों दूर हटे रिटायर्ड कर्मी
सितंबर माह में सीआरपीएफ मुख्यालय में उप महानिरीक्षक (कल्याण) द्वारा 29 सितंबर को एक पत्र जारी किया गया था। कई रिटायर्ड कर्मियों द्वारा सीजीएचएस की आईपीडी कार्ड बनवाने के प्रति अनिच्छा जाहिर की जा रही थी। इस संबंध में कई कारण सामने आए थे। इनमें संबंधित कर्मी के गृह नगर से सीजीएचएस अस्पताल का दूर होना भी, एक कारण रहा है। सरकार ने 2021 में यह निर्णय लिया था कि बल के जो पेंशनर्स, सीजीएचएस कवर्ड एरिया में नहीं रहते हैं, ऐसे सभी पेंशनर्स को उनके जोखिम निधि के अंतिम भुगतान की राशि से कटौती कर सीजीएचएस का आईपीडी कार्ड बनवाना अनिवार्य किया गया है। उसमें इच्छुक/अनिच्छा का कोई औचित्य नहीं होगा। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि रिटायर्ड कर्मी और उनके आश्रितों को सीजीएचएस इम्पैनल्ड अस्पताल से आजीवन चिकित्सा की सुविधा मिल सके। इस मामले में कहा गया कि बल के ज्यादा से ज्यादा रिटायर्ड कर्मियों को सीजीएचएस की सुविधाओं से अवगत कराया जाए।
तय मेडिकल अलाउंस का विकल्प क्यों
सेवानिवृत्त होने वाले अधिकांश कर्मी, तय मेडिकल अलाउंस का विकल्प देते हैं। इससे उन्हें सीजीएचएस की सुविधा नहीं मिलती। सीजीएचएस कार्ड धारकों व उनके आश्रितों को ओपीडी के साथ साथ आईपीडी (अस्पताल में भर्ती होकर इलाज) की सुविधा का भी प्रावधान है। अधिकांश रिटायर्ड कर्मी, इसलिए तय मेडिकल अलाउंस का विकल्प चुनते हैं, क्योंकि सीजीएचएस की सुविधा के लिए एक सिपाही रैंक के कर्मी को जोखिम निधि के अंतिम भुगतान की राशि से एकमुश्त 30 हजार रुपये की राशि की कटौती करानी होती है। दूसरी तरफ, रिटायरमेंट के बाद कार्मिक व उनके आश्रितों को विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए भारी धनराशि खर्च करनी पड़ती है।
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