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डॉ. वी अनंत नागेश्वरन
– फोटो : Social Media
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आर्थिक वृद्धि की गति अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में भी जारी रहेगी। अर्थव्यवस्था निवेश और उपभोक्ता गति के आधार पर पूरे वित्त वर्ष के लिए 6.5 प्रतिशत की विकास दर हासिल करने के लिए तैयार हैं। यह कहना है कि मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का। नागेश्वरन ने कहा कि हम अपनी जीडीपी को कम आंक रहे हैं। मजबूत कॉर्पोरेट-बैंक बैलेंसशीट के कारण कर संग्रह में उछाल आया है।
नागेश्वरन ने कहा कि 1.9 या दो के करीब का कर में उछाल एतिहासिक उछाल आया है। हम अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित गति को नहीं माप रहे हैं। हम वित्तीय वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का अनुमान 6.5 रखेंगे। इस बार हम पहले की तुलना में कहीं अधिक सजग हैं। हमें पूरे वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के प्रभाव को कम करने की जरुरत है। तीसरी तिमाही में भी आर्थिक विकास की गति जारी रहेगी। बता दें, 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत बढ़ी है। रिजर्व बैंक ने भी विकास दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
उन्होंने आगे कहा कि कोविड से उबरने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था से स्थिर गति बनाए हुए हैं। भारत जुलाई-सितंबर तिमाही में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी है। दूसरी तिमाही की जीडीपी अर्थशास्त्रियों की उम्मीद (6.8) से कहीं अधिक है और तो और अर्थशास्त्रियों का उच्चतम अनुमान 7.4 था। लेकिन असल अर्थव्यवस्था इन सभी से ऊपर 7.6 रही। बता दें, पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत बढ़ी थी।
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