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Weather Report
– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
विस्तार
बीते 48 घंटों में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रात का पारा 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मंगलवार और बुधवार को हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी का अनुमान लगाया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर हवाओं की गति जरा भी तेज हुई, तो उसका सीधा असर तेज ठंड के तौर पर मैदानी इलाकों में दिखना शुरू हो जाएगा। वहीं उत्तर भारत में अलग-अलग क्षेत्र में कोहरे का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बनारस, लखनऊ और अमृतसर जैसे शहरों में विजिबिलिटी 200 मीटर से भी कम हो गई है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में न्यूनतम पारा लगातार गिर रहा है। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल कहते हैं कि अनुमान के मुताबिक मंगलवार और बुधवार को हिमालय की पीरपंजाल रेंज में ज्यादा बर्फबारी का अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान यही है कि अगर दो दिनों तक इन इलाकों में जमकर बर्फबारी होती है, तो इसका असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा। सुरेंद्र पाल कहते हैं कि तेज चलने वाली हवाओं से मैदानी इलाकों में न्यूनतम पारे के गिरने की संभावना बढ़ सकती है। इस वक्त उत्तर भारत के ज्यादातर मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच में बना हुआ है।
जबकि मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान अभी भी 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच में है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगर पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद तेज हवाएं चलती हैं, तो दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है। लेकिन अभी दिन और रात के तापमान में सामान्य से औसतन तीन डिग्री सेल्सियस तापमान ज्यादा ही बना हुआ है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है फिलहाल पारे में गिरावट का अनुमान हवाओं के आधार पर ही किया जा रहा है। अगर हवाओं में तेजी नहीं होगी, तो अगले 4 से 5 दिनों के भीतर न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई खास गिरावट नहीं देखी जाएगी।
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