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नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन (Mitchell Johnson) की ओर से टीम में अपने पूर्व सहयोगी डेविड वॉर्नर (David Warner) की आलोचना का सिलसिला थम नहीं रहा. पाकिस्तान के खिलाफ पर्थ के पहले टेस्ट (Australia vs Pakistan, Perth test) में वॉर्नर के शतक के बाद भी जॉनसन ने बाएं हाथ के बैटर के खिलाफ हमलों की ‘धार’ तेज ही रखी है.
बाएं हाथ के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने ‘वेस्टर्न ऑस्ट्रेलियन’ में अपने ताजा कॉलम में लिखा था, ‘पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन किस्मत ने वॉर्नर का साथ दिया. इस जीवनदान का लाभ उठाने के बाद ही वॉर्नर ने 164 रन बनाए.’ यह स्थिति तब है जब जॉनसन की आलोचना को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस पूर्व तेज गेंदबाज को अपने दो कार्यक्रमों के स्पीकर से रोल से हटा दिया था.
दो कार्यक्रम से स्पीकर के रोल से हटा दिया था
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉनसन को 14 दिसंबर को पर्थ को ऑप्टस स्टेडियम पर दो कार्यक्रम में गेस्ट स्पीकर के तौर पर शिरकत करना था. 37 वर्षीय वॉर्नर की ‘सख्त’ आलोचना के मद्देनजर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने पूर्व तेज गेंदबाज को इन कार्यक्रमों से बाहर कर दिया था लेकिन सीए के इस रुख के बावजूद जॉनसन ने अपने सुर नहीं बदले हैं.बता दें, वॉर्नर और जॉनसन के विवाद का यह मामला इस समय ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है.
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हसी ने निभाया था गेस्ट स्पीकर का रोल
जॉनसन का कार्यक्रम से बाहर रखने को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता ने News Corp से मंगलवार को कहा, ‘मिचेल (जॉनसन) ऑस्ट्रेलिया के सबसे ज्यादा मशहूर गेंदबाजों में से एक है लेकिन हमने महसूस किया कि यह सभी के हित में रहेगा कि वे CA के कार्यक्रम में गेस्ट स्पीकर के तौर पर नहीं रहें.’ रिपार्ट के अनुसार, पूर्व ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज माइकल हसी ने कार्यक्रम में जॉनसन की जगह गेस्ट स्पीकर के तौर पर शिरकत की. जॉनसन को इन कार्यक्रम से बाहर रखकर एक तरह से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस पूर्व तेज गेंदबाज को सख्त संदेश दे दिया है.
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जॉनसन ने वॉर्नर को ‘घमंडी प्लेयर’ बताया था
बता दें, पर्थ टेस्ट के पहले ‘द वेस्ट ऑस्ट्रेलियन’ में लिखे अपने कॉलम में भी जॉनसन ने वॉर्नर पर ‘तीखा हमला’ बोला था.कॉलम में जॉनसन ने लिखा था, ‘आखिर उनके (वॉर्नर के)फेयरवेल टेस्ट खेलने की इच्छा को इतना ज्यादा महत्व क्यों दिया जा रहा है? एक ऐसे खिलाड़ी को क्यों मौका दिया जा रहा है, जिसका पिछली 36 पारियों में औसत 26.74 रहा है.ऐसा खिलाड़ी जो ऐसे विवाद (बॉल टैम्परिंग) में शामिल रहा, जिससे देश की बदनामी हुई.विवाद में शामिल होकर भी इस खिलाड़ी (वॉर्नर) ने गलती नहीं मानी.उनके विदाई टेस्ट खेलने की इच्छा में वही घमंड दिख रहा है, जो सैंडपेपर गेट में दिखा था.’जॉनसन ने यह भी लिखा था, ‘हालांकि वार्नर ‘सैंडपेपर गेट’ में अकेले प्लेयर नहीं थे, वह उस समय टीम के एक सीनियर खिलाड़ी थे.’
पर्थ टेस्ट में शतक बनाते हुए वॉर्नर ने उनके बैटिंग फॉर्म के खिलाफ आवाज उठा रहे आलोचकों को जवाब दे दिया था लेकिन इसके बावजूद जॉनसन नहीं रुके. उन्होंने पर्थ टेस्ट के बाद के अपने कॉलम में लिखा था कि मिले जीवनदान के बाद ही वॉर्नर शतक तक पहुंच पाए.उनहोंने लिखा था, ‘पिछले कॉलम में उनकी ओर से की गई वार्नर की आलोचना सही थी.शनिवार को ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 0 पर आउट होने से पहले. पहली पारी में उन्होंने ( वॉर्नर ने )वही किया जो करने के लिए उन्हें चुना और भुगतान किया गया था. पिछले समर सीजन में बनाए गए दोहरे शतक के अलावा उन्होंने (वॉर्नर ने) लगभग तीन वर्षों में नहीं के बराबर रन बनाए थे.’
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Tags: Cricket australia, David warner
FIRST PUBLISHED : December 19, 2023, 12:04 IST
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