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विधायक यूनुस खान और जुबैर खान।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र बुधवार को आहूत किया गया। प्रोमेट स्पीकर कालीचरण सराफा ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। विधायकों की शपथ और अन्य कारणों से यह सत्र चर्चा में आया गया। चर्चा का पहला कारण मुस्लिम विधायक जुबैर खान और यूनुस खान के संस्कृत में शपथ लेना रहा। आइए, जानते हैं कौन हैं ये विधायक और किस पार्टी से है इनका नाता..?
सबसे पहले जानिए जुबैर खान के बारे में?
ये अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में जुबैर खान को 93765 वोट मिले थे। वहीं, भाजपा से चुनाव लड़े सुखवंत सिंह दूसरे नंबर पर रहे थे। जुबैर ने सुखवंत को 19696 वोटों से हराया था। बुधवार को जुबैर ने विधानसभा में संस्कृत में शपथ लेकर सबको चौंका दिया।
भाजपा ने नहीं दिया था यूनुस खान को टिकट
निर्दलीय चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे यूनुस खान ने भी संस्कृत में शपथ ली। यूनुस खान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबियों में से एक हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था। खान ने कांग्रेस प्रत्याशी चेतन सिंह चौधरी को दो हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। वहीं, भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे। चुनाव जीतने के बाद यूनुस खान ने देशनोक में करणी माता के दर्शन किए भी किए थे।
इस विधायकों ने भी ली संस्कृत में शपथ
इन दो मुस्लिम विधायकों के अलावा गोपाल शर्मा, जोगेश्वर गर्ग, उदयलाल भड़ाना, कैलाशचंद्र मीणा, छगन सिंह राजपुरोहित, नोक्षम चौधरी, जेठानंद व्यास और जोराराम कुमावत समेत कई अन्य नेताओं ने संस्कृत भाषा में शपथ ली।
राजस्थानी भाषा में शपथ को मान्यता नहीं
शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने हिंदी और राजस्थानी भाषा में शपथ ली। हांलाकि, राजस्थानी भाषा में ली गई शपथ को रिकॉर्ड से डिलीट कर दिया गया। बता दें कि संविधान की आठवीं सूची में शामिल भाषाओं में ही शपथ लेने का नियम हैं। राजस्थानी भाषा इसमें शामिल नहीं है, ऐसे में प्रोमेट स्पीकर कालीचरण सराफा ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ लेने से रोक दिया।
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