[ad_1]

टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात।
– फोटो : सोशल मीडिया।
विस्तार
मनरेगा के बकाए के भुगतान को लेकर केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल के बीच चल रहे तनाव के बीच सूबे की मुखिया ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सीएम बनर्जी ने पीएम मोदी से मनरेगा जैसी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाली धनराशि को जारी करने की मांग की। संसद परिसर में पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बैठक की जानकारी दी। ममता बनर्जी ने बताया कि वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रस्ताव दिया कि राज्य और केंद्र के अधिकारी एक साथ बैठ सकते हैं और मुद्दों को सुलझा सकते हैं।
पीएम ने संयुक्त बैठक का दिया आश्वासन
ममता बनर्जी ने कहा कि 155 केंद्रीय टीमें पहले ही पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुकी हैं। इन टीमों के समक्ष राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा उठाए गए मुद्दों पर पहले ही स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम ने कहा है कि केंद्र और राज्य के अधिकारी एक संयुक्त बैठक करेंगे। मैंने कहा कि हमने 155 बार स्पष्टीकरण दिया है। हम एक बार फिर ऐसा कर सकते हैं, वे फॉर्मूला तय कर सकते हैं। संघीय ढांचे में केंद्र सरकार की भी हिस्सेदारी होती है और राज्य की भी हिस्सेदारी होती है। इस दौरान, टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा।
ममता बनर्जी ने लगाए आरोप
इस दौरान, ममता बनर्जी ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा। राज्य के लिए लंबित मनरेगा निधि के बारे में उन्होंने कहा कि श्रमिकों को भुगतान करना संविधान के तहत अनिवार्य है। हमें 2022-23 के बजट में (मनरेगा के तहत) 100 दिनों के काम के लिए एक पैसा भी नहीं मिला। इसी तरह आवास योजना के लिए भी फंड रोक दिया गया। ग्रामीण विकास योजनाएं बंद कर दी गई हैं और स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम भी बंद कर दिया गया है। हमें वित्त आयोग के तहत भी फंड नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों का पैसा रोकना ठीक नहीं है। केंद्र पर हमारा लगभग 1.16 लाख करोड़ रुपये बकाया है।
[ad_2]
Source link