Home Breaking News अयोध्या: देश को जाएगा 2024 का संदेश; हवाईअड्डे के उद्घाटन से लेकर राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तक, जानें सबकुछ

अयोध्या: देश को जाएगा 2024 का संदेश; हवाईअड्डे के उद्घाटन से लेकर राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तक, जानें सबकुछ

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अयोध्या: देश को जाएगा 2024 का संदेश; हवाईअड्डे के उद्घाटन से लेकर राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तक, जानें सबकुछ

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कुछ ही महीनों में लोकसभा चुनाव होना है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में चुनाव आयोग इसकी अधिसूचना जारी कर सकता है। इससे पहले अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को मर्यादा पुरुषोत्तम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह होना है। उससे भी पहले 30 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आएंगे। अयोध्या में बनकर तैयार हो रहे हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। सभी तैयारियां और निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। इसकी समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 21 दिसंबर को अयोध्या में ही थे। अयोध्यावासी भी कहते हैं कि हमारे राम अयोध्या में फिर अपने भव्य भवन में आ रहे हैं। राजनीति की भाषा में कहें तो श्रीराम 2024 के लोकसभा चुनाव का संदेशा भी ला रहे हैं।

अमर उजाला ने कारसेवक पुरम से लेकर मंदिर निर्माण स्थल, अयोध्या के बन रहे हवाई अड्डे और पीले रंग के तिरपाल में बनकर तैयार भगवान राम के विग्रह वाले स्थल का जायजा लिया। मंदिर निर्माण की परियोजना में अभी कम से कम दो साल लगने का अंदेशा है। पूरी गति से निर्माण कार्य होने के बाद इसके कोई 2026 तक पूरा हो पाने की उम्मीद है। हवाईअड्डे पर भी सुरक्षा की मशीनें आ गई हैं। ऑपरेशनल तैयारियां पूरी हैं। 06 जनवरी से नियमित उड़ान की सूचना दी रही है। इसके साथ-साथ हवाई अड्डे पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य जारी है। मुख्य द्वार और अन्य हिस्सों का काम चल रहा है। इसी तरह की स्थिति अयोध्या के रेलवे स्टेशन में हो रहे कायाकल्प, सड़क मार्ग और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 8 पार्किंग स्थल के भी हैं। इनमें से 4 पार्किंग स्थन बनकर करीब-करीब तैयार हैं।

विवादास्पद बयानों से दूर रहें ट्रस्ट के पदाधिकारी

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय काफी व्यस्त हैं। मंदिर के निर्माण कार्य से लेकर प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम की व्यस्तता समझी जा सकती है। महासचिव ने दो दिन पहले ही प्रेसवार्ता करके कहा था कि भाजपा के वरिष्ठ और संस्थापक नेता तथा राम मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और डा. मुरली मनोहर जोशी से इस कार्यक्रम में न आने का अनुरोध किया गया है। ऐसा उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए किया गया है। दोनों ने इसे स्वीकार कर लिया है। लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सूत्र बताते हैं अब इस तरह के बयानों से ट्रस्ट के पदाधिकारियों को दूरी बनाने के लिए कहा गया है।

सोनिया, खरगे और देवगौड़ा को भी न्यौता

सूत्र बताते हैं कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व अधिकारी और राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, आरएसएस के अखिल भारतीय संपर्क प्रचारक राम लाल, वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी गांधी से भेंट की। उन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने और उपस्थिति का आग्रह भरा निमंत्रण दिया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी निमंत्रित करने के लिए संपर्क किया और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को भी आमंत्रित किया है। हालांकि, अभी कांग्रेस के नेताओं ने इस समारोह में उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति को लेकर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। 

संघ के एक प्रचारक और कारसेवकपुरम में लगातार अपनी सेवा दे रहे सूत्र का कहना है कि यह भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह है। वह हमारे आराध्य हैं और इसमें सभी विष्टि गणमान्य को आमंत्रित किया जा रहा है। इसमें आध्यात्मिक गुरू, उद्योगपति, वैज्ञानिक,फिल्म उद्योग से जुड़े लोग समेत अन्य क्षेत्र के गणमान्य को निमंत्रण भेजा जा रहा है। ,

22 जनवरी को क्या होगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य यजमान होंगे। अयोध्या आएंगे। इस दिन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत व अन्य होंगे। इस दिन प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। एक अनुमान के मुताबिक इस जनसभा में चुनकर आए 8000 लोग हो सकते हैं। 

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है। प्रस्तावित राम मंदिर निर्माण क्षेत्र में गुंबद आदि के निर्माण कार्य से लेकर चबूतरा और अन्य परिसर को तेजी से तैयार किया जा रहा है। हालांकि माना जा रहा है कि मंदिर में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद अभी इसे जनता के दर्शन के लिए नहीं खोला जाएगा। क्योंकि अभी निर्माण के काफी काम बाकी है। हां, व्यवस्था के तौर पर पुजारी हर रोज भगवान की सेवा, देख भाल, भोग-राग करते रहेंगे।

अयोध्या में भव्यता और आधुनिकता की झलक 

उ.प्र. के तीन शहरों की रौनक देखने काबिल है। अब बनारस जाइए। साज, सज्जा, रूप, रंग, यातायात और कनेक्टिविटी के तमाम संसाधनों से बनारस सजता चला जा रहा है। कुछ ऐसी ही तस्वीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर की है। लखनऊ और गोरखपुर के रास्ते में अयोध्या है। अयोध्या में केन्द्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास अब वह सब तैयार हो रहा है, जो किसी भी विकसित शहर में होना चाहिए। 

अयोध्या का कायाकल्प ले रहा रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे का मूर्त रूप लेना, सड़कों का चौड़ीकरण, राम लला मार्ग पर एक सी सज्जा वाले सड़के के दोनों तरफ दिखने वाले भवन, सज रहे घाट और विशाल परिसर में तैयार हो रहा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र। इसे देखने के लिए अभी से श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उत्साह है। यह उत्साह अब हुनमान गढ़ी में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या से लेकर राम लला विराजमान परिसर तक देखने में आ रही है।

काम तो अच्छा किया है….फिर राजनीति भी कर लेने दीजिए

राम सजीवन मौर्या कहते हैं कि उच्चतम न्यायालय का आदेश आने से पहले किसने सोचा था कि राम मंदिर बन सकेगा। अब सपना साकार हो रहा है। 72 साल के मोइनुद्दीन कहते हैं कि राम मंदिर अयोध्या में नहीं बनेगा तो आखिर कहां बनेगा? मोइनुद्दीन कहते हैं कि हम बाहर वालों की बात नहीं करते। अयोध्या वाले इसे बखूबी समझते हैं। राम मंदिर बन रहा है, अयोध्या विकसित हो रही है तो इसमें हमारे लड़कों को भी काम मिल रहा है। शिराज अंसारी कहते हैं कि अप देख लीजिएगा 22 जनवरी आते-आते बड़ी राजनीति होगी। लेकिन जब कोई बड़ा काम होता है तो कुछ लोगों को नहीं पचता। जो राजनीति से जुड़े लोग हैं, वह राजनीति करेंगे। अच्छी बात यह है कि इससे अयोध्या के लोगों को रोजगार मिलेगी, सुविधाएं बढ़ेगी और खुशहाली आएगी।

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