Home World Israel Hamas War: जो गाजा में किया बेरुत में भी कर सकते हैं, हिजबुल्ला को इजरायली चेतावनी का क्या है मतलब

Israel Hamas War: जो गाजा में किया बेरुत में भी कर सकते हैं, हिजबुल्ला को इजरायली चेतावनी का क्या है मतलब

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Israel Hamas War: जो गाजा में किया बेरुत में भी कर सकते हैं, हिजबुल्ला को इजरायली चेतावनी का क्या है मतलब

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Israel Hamas War Latest News:  इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि हमास के खिलाफ लड़ाई रुकी नहीं है. हम जीत हासिल करने तक जंग को जारी रखेंगे. इन सबके बीच लेबनान के हिजबुल्ला आतंकी संगठन भी उत्तरी मोर्चे पर इजरायल को चुनौती दे रहा है. इजरायल के रक्षा मंत्री योव गालंट ने हिजबुल्ला को चेतावनी देते हुए कहा कि जो काम हमने गाजा में किया है वही काम बेरुत में कर सकते हैं. बता दें कि जब से हमास के खिलाफ इजरायल ने मोर्चा खोल रखा है उसके बाद से ही उत्तरी मोर्चे पर हिजबुल्ला भी चुनौती पेश कर रहे हैं.

हिजबुल्ला को सीधी चेतावनी

नॉर्दर्न कमांड के सैन्य अधिकारियों से बैठक के बाद गालंट ने कहा कि हिजबुल्ला पर हम कड़ा प्रहार कर रहे हैं. अब तक उसके 150 आतंकी काल के गाल में समा चुके हैं. बता दें कि 2006 में भी इजरायली सेना और हिजबुल्ला के बीच महीने तक लड़ाई हुई थी. हालांकि नतीजा कुछ नहीं निकला था. उसके बाद से दोनों के बीच छिटपुट झड़प की खबर आती रहती है. लेकिन बताया जा रहा है कि सीरिया, इराक और दूसरे इलाकों में हिजबुल्ला की पकड़ ना सिर्फ मजबूत हुई है बल्कि उसने खुद को और संगठित किया है. इसकी वजह से इजरायल और उनके बीच लड़ाई बड़े पैमाने पर छिड़ सकती है. इजरायल का कहना है कि हिजबुल्ला इस बात को अच्छी तरह समझता है कि गाजा में क्या हो रहा है. हालांकि हम किसी ऐसी स्थिति का निर्माण नहीं होने देना चाहते. अगर हिजुबल्ला के खिलाफ हम लड़ाई की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो कम से कम आम लोगों की सुरक्षा और सेफ पैसेज के बारे में जरूर सोचेंगे.

क्या है हिजबुल्ला

1982 में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर हमला किया था उसके बाद हिजबुल्ला संगठन अस्तित्व में आया. यह लेबनान के कट्टर शिया आतंकियों का समूह है।  लेकिन आधिकारिक रूप से हिजबुल्ला की स्थापना 1985 में हुई. गठन के बाद से ही हिजबुल्ला के लड़ाके इजरायल पर हमला समय समय पर करते रहते हैं. इस आतंकी संगठन के खिलाफ इजरायल ने कई ऑपरेशन चलाए हैं. हिजबुल्ला का कहना है कि उसका मकसद सशस्त्र संघर्ष के जरिये इजरायल को खत्म करना है. यही नहीं अमेरिकी आधिपत्य और पूंजीवादी ताकतों को भी उखाड़ फेंकना है. इजरायली सेना के मुताबिक  हिजबुल्ला के पास 45,000 लड़ाके हैं, जिसमें से 20 हजार हमेशा सक्रिय रहते हैं और रिजर्व के तौर पर 25 हजार लड़ाके रखे गए हैं.

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